शहर का मिनी जू पशु-पक्षी प्रेमियों के लिए नई सौगात लेकर आया है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से परमिशन के बाद मंगलवार सुबह 11 बजे चिड़ियाघर में दो तेंदुए पवन और वर्षा लाए गए। यह जोेड़ा लखनऊ के नवाब अली शाह जूलॉजिकल गार्डन से लाया गया है। अब दुर्गा, सोनू, वर्षा, और पवन रोहतक चिड़ियाघर की शान बढ़ाएंगे। इन्हें फिलहाल डॉक्टर की निगरानी में रखा गया है। चिड़ियाघर में मादा तेंदुए दुर्गा के पिंजरे में पवन व वर्षा को शिफ्ट किया गया है। उन्हें पिंजरे में जंगल सा माहौल मिल रहा है। पिंजरे में बने बंकर के पास वह दोनों अटखेलियां करते नजर आए। डॉक्टर ने बताया कि मौसम में घुला ठंडापन भी उनकी मस्ती की वजह बताया। रोहतक जू में फिलहाल बदलाव की बयार चल रही है। इसे आकर्षक बनाने के लिए नए पिंजरों के निर्माण से लेकर अनोखी प्रजाति के पशु-पक्षियों को यहां लाया जा रहा है।
दुर्गा के पिंजरे में रहेंगे पवन व वर्षा
साढ़े तीन साल के पवन व 4 साल की वर्षा को फिलहाल दुर्गा के पिंजरे में रखा जाएगा। लखनऊ के नवाब अली शाह जूलॉजिकल गार्डन में भी यह दोनों जोड़े में एक साथ ही रहते थे। इसलिए इन्हें यहां जू प्रशासन ने एक ही पिंजरे में रखने का फैसला लिया है। वहीं सवा साल की दुर्गा को 12 साल के सोनू के पिंजरे में शिफ्ट किया जाएगा। कुछ दिनों तक दुर्गा को सोनू के पिंजरे में बने छोटे एरिया में रखा जाएगा। सोनू और दुर्गा का आपसी तालमेल बनने के बाद दोनों को एक साथ बड़े पिंजरे में खुला छोड़ा जाएगा।
बिना एक्सचेंज प्रोग्राम के रोहतक आए पवन-वर्षा
हमारे पास कोई सरप्लस न होने की वजह से रिक्वेस्ट करके पवन व वर्षा को रोहतक लाया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली के नॉर्म्स के अनुसार किसी दूसरे चिड़ियाघर से एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ही पशु या पक्षी लिए जाते हैं। लेकिन हमारे पास सरप्लस न होने की वजह से 8 माह की कोशिशों के बाद पवन व वर्षा को रोहतक जू की शान बनाया गया। सरप्लस होने की स्थिति में एक से दो माह में ही एक्सचेंज किया जा सकता है।
- दीपक अलावादी, डीएफओ
नाम उम्र डाइट
पवन साढ़े तीन साल 3 किलो मीट
वर्षा चार साल 3 किलो मीट
दुर्गा सवा साल 5 किलो 125 ग्राम बकरे का मीट (प्रतिदिन)
सोनू 12 साल 5 किलो 125 ग्राम बकरे का मीट