पीजीआई के एक कार्डिक सर्जन को पार्किंग स्टाफ ने शनिवार दोपहर पीट दिया।
पार्किंग में कार खड़ी करने को लेकर उपजा विवाद देखते ही देखते मारपीट में
बदल गया। आरोप है कि पार्किंग के एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने पीड़ित
डॉक्टर पर हमला बोल दिया।
सुरक्षा में तैनात गार्ड भी मदद के लिए आगे नहीं
बढ़े। बीच-बचाव करने गए डॉक्टरों से भी हाथापाई की गई। पीड़ित को उपचार के
लिए आपात विभाग में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टर पर हमले की सूचना मिलते ही
आपात विभाग में स्टाफ जुट गया। पीजीआई थाना पुलिस ने इस मामले में
पार्किंग के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित डॉक्टर सहायक
प्रोफेसर अशोक चहल के अनुसार वह दोपहर एक बजे विश्राम सदन के पास अपनी कार
में बैठे थे। इस दौरान वाहन उठाने वाली गाड़ी आ गई। डॉक्टर के बैठे होने के
बावजूद वे कार को ले जाने लगे। डॉ. चहल ने बताया कि वे संस्थान में डॉक्टर
हैं।
इस पर पार्किंग के कर्मचारियों ने अभद्रता शुरू कर दी। उन्होंने
स्पष्ट कहा कि वे किसी डॉक्टर को नहीं मानते, गाड़ी तो हर हाल में उठाकर ले
जाएंगे। आरोप है कि विरोध करने पर पहले तो चार आदमियों ने पीटना शुरू किया
दिया और बाद में कई अन्य साथियों को भी बुला लिया। करीब 15 लोगों ने
सार्वजनिक रूप से उनसे मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे डॉक्टरों से भी
हाथापाई की गई।
पीजीआई एसएचओ कुलदीप ने बताया कि पीड़ित डॉक्टर की शिकायत
पर मामला दर्ज कर आरोपी संदीप और सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। सबसे
हैरानी वाली बात थी कि जब कार्डिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. एस.एस. लोहचब
के साथ डॉक्टर थाने में गए तो पता चला कि पीड़ित डॉक्टर के खिलाफ पहले ही
शिकायत हो चुकी है।
पार्किंग स्टाफ का पक्ष
पार्किंग इंचार्ज
धर्मजीत और सहायक जयबीर ने बताया कि डॉक्टर ने पहले हमारे स्टाफ को गाली दी
और थप्पड़ मारा है। जबकि उसने सिर्फ गाड़ी पार्किंग में खड़ा करने को कहा।
डॉक्टर गाड़ी को गलत जगह खड़ा कर बैठे थे। वहीं, मारपीट के आरोपी संदीप ने
बताया कि डॉक्टर से अनुरोध किया था कि वह रोड से कार हटा ले। लेकिन
उन्होंने गाड़ी से नीचे उतरकर अपने पद की धमकी दी। इसके बाद बहस करने पर
विवाद बढ़ा।
गंभीरता से लेंगे मामला
वाहन पार्किंग के ठेकेदार के
खिलाफ पहले भी शिकायत आई थी। इस पर उसे जुर्माना लगाया गया था। अब
संस्थान के ही डॉक्टर के साथ मारपीट कर दी गई, इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
पुलिस कप्तान से इस संबंध में बात की है। जो भी आरोपियों पर कानूनी व
विभागीय कार्रवाई बनेगी वह करेंगे।
- डॉ. राकेश गुप्ता, निदेशक, पीजीआईएमएस रोहतक।
यह बोले डॉक्टर
मैं साइड से गाड़ी लगा कर खड़ा था। पार्किंग स्टाफ के लोगों ने मेरे साथ अभद्रता की और मारपीट शुरू कर दी।
डॉ. अशोक चहल, पीड़ित।
सुरक्षा गार्ड और व्यवस्था पर उठे सवाल
पार्किंग
कर्मियों और पीजीआई के सुरक्षा गार्डों के भाईचारे पर सवाल उठ खड़े हो गए
हैं। आरोप है कि जिस समय पार्किंग का स्टाफ डॉक्टर को पीट रहा था, गार्ड
चुपचाप खड़े थे। गार्ड ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश तक नहीं की।
दबी-दबी सी स्ट्राइक की आवाज
डॉक्टर
के साथ मारपीट के बाद अन्य डॉक्टर इमरजेंसी से बाहर गए। सभी की जबान पर
नाराजगी भी थी और गुस्सा भी था, लेकिन यह गुस्सा मुखर नहीं हुआ। मारपीट के
विरोध में एक-दो डॉक्टरों ने स्ट्राइक पर जाने की भी बात कही, लेकिन उन्हें
मौके पर कोई समर्थन नहीं मिला।