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Rohtak News: 1200 साल पहले सिद्ध बाबा चौरंगीनाथ ने की थी अस्थल बोहर मठ की स्थापना

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32-बोहर में ​स्थित धार्मिक स्थलों की चर्चा करते ग्रामीण। संवाद - फोटो : Archive
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रोहतक। बोहर केवल एक गांव ही नहीं है बल्कि यहां स्थित अस्थल बोहर मठ का ऐतिहासिक, धार्मिक, शैक्षणिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व है। इसके इतिहास की जड़ें लगभग 1200 साल पुरानी हैं। बोहर के ग्रामीणों के अनुसार, 1200 साल पहले सिद्ध बाबा चौरंगीनाथ ने अस्थल बोहर मठ की स्थापना की थी।
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यहां की तपोभूमि पर स्थित मठ में नाथ संप्रदाय के साधु-संत यहां देश भर से आते हैं। समय और परिस्थितियों के बदलाव का इस पर हुआ लेकिन अवशेष बचे रहे। फिर कालांतर में 1791 में सिद्ध बाबा मस्तनाथ ने मठ का पुनरोद्धार किया था।
वर्तमान में बाबा बालकनाथ इसके महंत हैं जो राजस्थान के तिजारा से विधायक भी हैं। बोहर के ग्रामीण ओम, सुमित नांदल, विकास नांदल, संजय नांदल व रमन नांदल आदि ने बताया कि शिक्षा और आध्यात्मिकता का यह बड़ा केंद्र है। बोहर भोपान पाने में 400 साल पुराना शिव मंदिर है जबकि एक अन्य शिव मंदिर मेलवान पाने में है, वह भी सदियाें पुराना है।
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प्रत्येक शिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा हनुमान मंदिर, आर्य समाज मंदिर, गुरु गोरखनाथ मंदिर, शिव मंदिर, माता मंदिर, गुरु रविदास मंदिर, वाल्मीकि मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थल हैं जो ग्रामीणों की आस्था को मजबूती दे रहे हैं।

गांव की तपोभूमि पर स्थित अस्थल बोहर मठ धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और जनसेवा का अब एक अद्वितीय केंद्र बना हुआ है। वर्तमान महंत बाबा बालकनाथ का भी ग्रामीणों से विशेष लगाव है।
- समित नांदल, बोहर

हम सभी के लिए आस्था का दूसरा नाम अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ है। बचपन से मठ में मत्था टेकने जाते हैं। गांव के अनेक युवा वहां सेवा कर खुद काे सौभाग्यशाली मानते हैं।
- रमन नांदल, बोहर

बोहर गांव के मेलवान पाने में सदियों पुराना शिव मंदिर है। वहीं भोपान पाने में भी करीब 400 साल पुराना शिव मंदिर है। शिवालयों में बड़ी संख्या में ग्रामीण पूजा-अर्चना करते जाते हैं।
- विकास नांदल, बोहर

अस्थल बोहर मठ के प्रति ग्रामीणों की आस्था सदियों से जुड़ी हुई हैं। यहां पर साल में फाल्गुन मास में तीन दिवसीय मेला भी लगता है जिसमें सभी ग्रामीण जाकर आस्था प्रकट करते हैं।
- ओम, बोहर

32-बोहर में स्थित धार्मिक स्थलों की चर्चा करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : Archive

32-बोहर में स्थित धार्मिक स्थलों की चर्चा करते ग्रामीण। संवाद- फोटो : Archive

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