रोहतक। सर्व कर्मचारी संघ (सकसं) हरियाणा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक राज्य प्रधान धर्मवीर फोगाट की अध्यक्षता में कर्मचारी भवन में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर 10 से 17 मार्च तक सभी जिलों में बैठक आयोजित की जाएगी। 17 मार्च से 17 अप्रैल तक ब्लॉक स्तर पर सम्मेलन किए जाएंगे।
बैठक की शुरुआत में 4 फरवरी की रैली 16 फरवरी की राष्ट्रीय हड़ताल और 27 फरवरी के कार्यक्रम की समीक्षा की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि नव उदारीकरण की जन विरोधी नीतियों का देश पर बेरोजगारी, मंहगाई, आर्थिक तंगी, विदेशी कर्ज के रूप में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जन सेवाओं के सार्वजनिक विभागों का निजीकरण किया जा रहा है। नीति बना कर कच्चें कर्मचारियों को नियमित करने की आवश्यकता है। पुरानी पेंशन नीति की बहाली के प्रति सरकार का नकारात्मक रुख प्रदेश के कर्मचारियों के लिए अति दुर्भाग्यपूर्ण है। विभागों में खाली पदों पर नियम से नियमित भर्तियां करनी चाहिए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से भर्तियां करना प्रदेश के युवाओं का शोषण है।
इस दौरान जिलों के प्रधान, सचिव, यूनियनों के राज्य प्रधान व महासचिव तथा राज्य कमेटी के नेताओं ने भाग लिया। बैठक का संचालन महासचिव नरेश कुमार ने किया।