15-रोहतक की सड़क पर प्रदर्शन करती आशा वर्कर। स्रोत : वर्कर
रोहतक। ऑनलाइन काम के नाम पर बेगारी, काटे गए मानदेय व केंद्र सरकार की ओर से घोषित बढ़ोतरी लागू न करने के विरोध में सोमवार को आशा वर्करों ने मेडिकल मोड़ से सिविल सर्जन कार्यालय तक पैदल प्रदर्शन किया। इस दौरान डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अंजलि को ज्ञापन सौंपा।
आशा वर्करों ने समस्याओं का समाधान न होने पर नौ मई को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के आवास मंडी अटेली पर राज्यस्तरीय प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है। सीटू जिला सचिव कामरेड विनोद व यूनियन कोषाध्यक्ष अनीता भाली ने बताया कि आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा लंबे समय से स्वास्थ्य मंत्री से समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता की मांग कर रही है।
विभागीय समस्याओं से निपटाने के लिए भी स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के पास समय नहीं है। ऐसा लग रहा है सरकार समस्याओं का समाधान नहीं करना चाहती है।
प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर आशा वर्करों की मीटिंग बुलाकर बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लगवाने का दबाव बनाया जा रहा है। प्रदर्शन की अध्यक्षता आशा वर्कर्स यूनियन (सीटू) की जिला उपाध्यक्ष पुष्पा ने की। प्रदर्शन के दौरान जिला उप प्रधान नीरज, सुशीला जिला सहसचिव सोनू व आशा, सुनीता, ज्ञान देवी व अन्य उपस्थित रहे।
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यह हैं मांगें
स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत करें। लंबित मांगाें को लेकर आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा के साथ वार्ता तय की जाए। केंद्र सरकार की ओर से 1500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा को तुरंत लागू किया जाए। वर्ष 2023 में 73 दिन की हड़ताल के काटे गए मानदेय को तुरंत जारी करें। आशाओं सहित एससी और बीपीएल की गर्भवती महिलाओं को दिए पैसे का भुगतान किया जाए। सभी तरह के ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद हो।