14.. सड़क किनारे मूंगफली भूनता विक्रेता। संवाद
सांपला। बढ़ती ठंड के कारण गजक, मूंगफली और गुड़ की दुकानों पर भीड़ देखने के लिए मिल रही है। बाजार में अब मूंगफली, गुड़ और गजक जैसी सर्दियों की पारंपरिक चीजों की दुकानें सजने लगी है। हर साल की तरह इस साल भी लोगों को मूंगफली और तिल वाली गजक ज्यादा पसंद आ रही है।
कस्बे में जगह-जगह मूंगफली पकाकर बेचने वालों की सड़क किनारे दुकान जमी हुई है। सर्दी बढ़ते ही मूंगफली खाने वालों की मांग बढ़ गई है। प्रतिदिन औसतन दो से ढाई क्विंटल मूंगफली की बिक्री हो रही है।
दुकानदार मुकेश, अशोक का कहना है कि हर साल नवंबर से फरवरी तक मूंगफली, गुड़ और गजक की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी होती है। सर्दी के मौसम में मूंगफली सबसे ज्यादा राजस्थान से आती है। कुछ उत्तर प्रदेश के कई इलाकों से आती है।
गुड़-60 रुपये किलो से शुरू
मूंगफली-120 रुपये किलो से शुरू
तिल गजक-140 रुपये किलो से शुरू
मूंगफली गजक-140 रुपये किलो से शुरू
इसलिए सर्दी में रहती है अधिक मांग
ठंड में गुड़, मूंगफली और गजक जैसे सर्दियों की पारंपरिक चीजों को खाने से शरीर को गर्मी और हड्डियों को मजबूती मिलती है। साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। सर्दी-जुकाम से बचाता है। वहीं, पाचन में सहायता और तनाव कम करने में भी मदद करता है।