रोहतक। गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर के बाजारों में मटकों की बिक्री में उछाल देखने को मिल रहा है। बढ़ते तापमान के बीच लोग अब फ्रिज के बजाय मटके का पानी पीना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से भी मटके का पानी फायदेमंद माना जाता रहा है।
मटका विक्रेता रानी ने बताया कि इस बार मार्च से ही गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। इस कारण मटकों की बिक्री भी बढ़ गई है। दुकानकार राजीव ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार ग्राहकों की संख्या अधिक है और रोजाना बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है। तापमान गिरने के बाद भी मटके की बिक्री में इजाफा हो रहा है।
बाजार में इस बार राजस्थान और गुजरात से बड़ी संख्या में मटके मंगवाए जा रहे हैं। पहले जहां साधारण मटकों की मांग रहती थी। वहीं अब ग्राहक पेंटिंग और डिजाइन वाले मटकों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इससे बाजार में विविधता भी बढ़ी है।
टोंटी और फिल्टर वाले मटकों की बढ़ी मांग
लोग टोंटी (नल) और फिल्टर वाले मटकों को ज्यादा खरीद रहे हैं। घड़ा विक्रेता राजीव ने बताया कि ये मटके उपयोग में आसान होने के साथ-साथ पानी को ज्यादा ठंडा भी रखते हैं जिससे इनकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। लोग दही जमाने के लिए भी मिट्टी का बर्तन लेकर जा रहे हैं।
100 से 600 रुपये तक कीमत, मिट्टी की बोतल भी लोकप्रिय
मटकों की कीमत उनके साइज और डिजाइन के अनुसार तय की गई है। साधारण मटके 100 से 200 रुपये तक मिल रहे हैं जबकि डिजाइनर मटके 300 से 600 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं फिल्टर वाले मटके 200 से 400 रुपये तक उपलब्ध हैं। इसके अलावा मिट्टी की पानी की बोतलों की मांग भी इस बार बढ़ती नजर आ रही है।
विशेषज्ञ राय...मटके में रखे पानी में घुल जाते हैं माइक्रो मिनरल
सिविल अस्पताल आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. जयसिंह के अनुसार मटके का पानी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक मिट्टी से बने मटके में रखे पानी में माइक्रो मिनरल घुल जाते हैं। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से पोषण देते हैं। मटके का पानी न केवल पाचन शक्ति को मजबूत करता है बल्कि शरीर के तापमान को संतुलित रखने में भी सहायक होता है। इसके सेवन से मानसिक शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि मिट्टी में पाए जाने वाले प्राकृतिक खनिज तत्व शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते बल्कि इसे संतुलित और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।