रोहतक । आर्य नगर स्थित वैदिक भक्ति साधन आश्रम में सात दिवसीय आर्य वीर प्रशिक्षण शिविर ‘धर्म की विजय’ के सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ। यह शिविर आर्य वीर दल, रोहतक के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। समापन अवसर पर रविवार को आर्य वीरों ने शारीरिक व्यायाम एवं युद्ध कलाओं का प्रदर्शन किया।
इसके साथ ही प्रेरणादायक गीत, कविताएं और भाषणों की भी प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सबरीना, विजय गाबा, डॉ. शैली और संजय गाबा उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि माता-पिता को बचपन से ही बच्चों को संस्कारित करना चाहिए, क्योंकि संस्कार सुखी जीवन का आधार होते हैं।
समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता रवि कुमार ने की। शिविर उपाध्यक्ष आचार्य शक्तिदेव ने कहा कि जब दो व्यक्ति बात कर रहे हों तो बीच में नहीं बोलना चाहिए। शिविर के बौद्धिक अध्यक्ष आचार्य प्रविंद्र ने कहा कि उन्नति का पैमाना यह है कि व्यक्ति के जीवन में सुख की वृद्धि हो रही है या नहीं। शिविर अध्यक्ष ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि शाकाहारी भोजन ही अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य की कुंजी है।
जिला संचालक सतीश आर्य ने सभी विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं साहित्य प्रदान कर सम्मानित किया। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए तथा विजेता बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन मंत्री अंकुर अरोड़ा ने किया।
इस अवसर पर बलराज खुराना, संदीप कान्ही, पवनजीत, सचिन दुआ, हितेश मदान, संजीव सचदेवा, वरिंदर सहगल, सुभाष सांगवान, रोहतास सैनी एवं राकेश चावला सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।