रोहतक । आर्य समाज के संन्यासियों के लिए धर्म रक्षक निधि का गठन किया जाएगा। इसका विस्तृत प्रारूप शीघ्र तैयार कर लागू किया जाएगा। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने यह घोषणा की। वह स्वामी इंद्रवेश विद्यापीठ आश्रम टिटौली में आयोजित 19वें बेटी बचाओ चतुर्वेद पारायण महायज्ञ पर रविवार को समापन पर वे संबोधित कर रहे थे।
रोहतक के पूर्व सांसद एवं आर्य नेता स्वामी इंद्रवेश के 89वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया गया। 11 दिनों तक चले इस वैदिक अनुष्ठान में देशभर से आए विद्वानों, संन्यासियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर यज्ञ में आहुति डाली व कन्या भ्रूणहत्या, नशा, अश्लीलता और धार्मिक अंधविश्वास के विरुद्ध जागरूकता का संकल्प लिया।
वैदिक विरक्त मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रणवानंद सरस्वती, युद्ध मेडल एवं सेना मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर हरबीर सिंह कुंडू, समाजसेवी एवं उद्योगपति कैप्टन रुद्रसेन आर्य व पूर्व विधायक अजीत सिंह एडवोकेट ने भी यज्ञ में आहुति डाली।
आयोजकों ने आर्य समाज के 89 संन्यासियों एवं वान प्रस्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया। ब्रिगेडियर हरबीर सिंह कुंडू ने कहा कि उन्हें बचपन से ही आर्य समाज के संस्कार प्राप्त हुए हैं। कैप्टन रुद्रसेन आर्य ने स्वामी इंद्रवेश को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
बेटी बचाओ अभियान स्वामी इंद्रवेश की देन
सार्वदेशिक आर्य युवती परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवेश आर्या ने कहा कि आज देश में चल रहा बेटी बचाओ अभियान स्वामी इंद्रवेश और स्वामी अग्निवेश के प्रयासों की देन है। वहीं, स्वामी प्रणवानंद सरस्वती ने स्वामी इंद्रवेश के कार्यों को सराहा। कार्यक्रम को बिरजानंद, स्वामी व्रतानंद, स्वामी आनंदवेश, स्वामी सूर्यवेश, स्वामी मुक्तिवेश, कल्याणी आर्या, डॉक्टर कैलाश कर्मठ, रमेश आचार्य ने संबोधित किया।