देश की आजादी में आर्य समाज का बड़ा योगदान रहा है। स्वामी श्रद्धानंद, रामप्रसाद बिस्मिल और शहीदे आजम भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी आर्य समाज की ही देन हैं। यह बात पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। वे रविवार को गुरुकुल सिंहपुरा के 55वें वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज की विचाराधारा मुझे विरासत में मिली है। मेरे दादा रामजीलाल डीएवी के संस्थापक सदस्य और चौधरी मातूराम आर्य ने स्वयं ऋषि दयानंद से यज्ञोपवीत धारण किया था। वह शहीदे आजम भगत सिंह के चाचा के साथ भी राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रहे।
गुरुकुल शिक्षा प्रणाली पर कहा कि वैदिक शिक्षा से व्यक्ति के जीवन में संयम, सदाचार, परोपकार व देश भक्ति की भावना बढ़ती है। सांसद शादी लाल बतरा ने आयुर्वेदिक भवन और चारदीवारी के लिए अनुदान की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि नारी शिक्षा से समाज का विकास जल्दी हो सकता है।
स्वामी आर्यवेश ने भेंट किए वेदों के सेट
सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के प्रधान स्वामी आर्यवेश, गुरुकुल के प्रधान जगदीश, मंत्री वेदप्रकाश आर्य ने हुड्डा व उनकी पत्नी आशा हुड्डा को चारों वेदों का सेट देकर अभिनंदन किया। इसके अलावा शॉल व स्मृति चिन्ह भी दिया।
सभागार का उद्घाटन और ऋषि दयानंद की प्रतिमा का अनावरण
गुरुकुल में नवनिर्मित चौधरी रघुबीर सिंह की स्मृति भवन का उद्घाटन पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्य सभा सांसद शादी लाल बतरा, विधायक आनंद सिंह दांगी, पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा और स्वामी आर्यवेश ने किया।