रोहतक। जिला बार में पिछले 13 साल से जोजो गुट का दबदबा कायम है, जो शुक्रवार को और मजबूत हो गया। गुट के प्रत्याशी अरविंद श्योराण रिकाॅर्ड 1033 वोट से सुरेंद्र लौरा को हराकर प्रधान बने। 2010 से 2023 इतना जीत का अंतर नहीं रहा, जबकि अबकी बार ईवीएम से चुनाव व विपक्ष की एकता को देखते हुए कांटे का मुकाबला माना जा रहा था।
सुबह करीब साढ़े 7 बजे जिला बार के चुनाव को लेकर मतदान शुरू हुआ। दोपहर दो बजे तक 50 प्रतिशत पोलिंग हुई। पूरे दिन वकीलों के बीच उत्साह का माहौल रहा। युवा वकील सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आए। पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया था। बुजुर्ग वकीलों ने आदर्श बूथ नंबर एक व युवा वकीलों ने बूथ नंबर पांच पर वोट डाले। दोपहर करीब दो बजे बोगस पोलिंग का भी शक हुआ, जिसके बाद पिछले दरवाजे पर पुलिस तैनात करवाई गई। इसी बीच दोपहर बाद करीब चार बजे एक वकील को दूसरे वकीलों ने गेट पर रोक लिया। शक था कि युवा वकील अपना वोट डालने के बाद किसी अन्य का वोट डालने आया है। उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। चुनाव अधिकारी रामनारायण सैनी का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण रहा। किसी ने लिखित शिकायत नहीं दी है।
यू रहा चुनाव परिणाम
प्रधान वोट मिले
अरविंद श्योराण 1906
सुरेंद्र लौरा 873
अनिल शर्मा 33
जीत का अंतर 1033
उप प्रधान
हर्षवर्धन मलिक 1773
अभिजीत 1033
जीत अंतर 736
महासचिव
दीपक हुड्डा 1453
रोहिता सुहाग 1217
इमबार सिंह 136
जीत का अंतर 236
संयुक्त सचिव
सुशीला देशवाल 1121
डिंपल अरोड़ा 949
ज्योति राणा 732
जीत का अंतर 172
लाइब्रेरी इंचार्ज
विश्वदीप 1467
अनिल कुमार 1336
जीत का अंतर 131
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युवाओं का साथ व बुजुर्गों का आशीर्वाद भी मिला श्योराण को
जिला बार में मतदान के लिए पांच बूथ बनाए गए थे। बूथ नंबर एक पर आजीवन, सम्मानित व 40 साल से ज्यादा उम्र के वकीलों के लिए मतदान की व्यवस्था की गई थी, जिसे आदर्श बूथ का नाम दिया गया था। जबकि बूथ नंबर पांच को युवाओं का बूथ माना गया। दोनों बूथों पर प्रधान पद के प्रत्याशी अरविंद श्योराण को ज्यादा मत मिले हैं।
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बूथ वाइज मिले प्रधान पद के प्रत्याशियों को मत
बूथ अरविंद सुरेंद्र अनिल
1. 210 83 5
2. 434 217 6
3. 397 219 13
4. 405 198 5
5. 460 156 4
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गुरु से ज्यादा मतों से जीते शिष्य
जिला बार चुनाव में प्रधान पद के प्रत्याशी अरविंद श्योराण व लोकेंद्र फौगाट एक-दूसरे को 20 साल से जानते हैं। लोकेंद्र फौगाट का कहना है कि दो साल से अरविंद श्योराण ही उनका कामकाज देख रहे थे। बार के नियमों के तहत लगातार तीन बार प्रधान नहीं बना जा सकता। ऐसे में अरविंद श्योराण को मैदान में उतारा। 2022 में लोकेंद्र फौगाट ने 900 से ज्यादा मतों से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार श्योराण की जीत का अंतर 1033 है।
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महासचिव के लिए कांटे की टक्कर, दीपक पड़े भारी
जिला बार की कार्यकारिणी में प्रधान के बाद महासचिव का पद अहम माना जाता है। इसके लिए दीपक हुड्डा, रोहित सुहाग व इतबार सिंह बैनीवाल मैदान में थे। चुनाव में दीपक हुड्डा ने रोहित सुहाग को 236 मतों के अंतर से हरा दिया। दीपक पहले भी महासचिव रह चुके हैं। जबकि रोहित 2022 में महासचिव बने थे, लेकिन इस बार जीत नहीं सके।
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महिलाओं के बीच रहा कड़ा मुकाबला
संयुक्त सचिव के पद के लिए बार की तीन महिला वकील डिंपल अरोड़ा, ज्योति राणा व सुशीला देशवाल मैदान में थी। तीनों के बीच कांटे का मुकाबला रहा। सुशीला देशवाल को 1121, डिंपल अरोड़ा को 949 व ज्योति राणा को 732 वोट मिली। जीत का अंतर मात्र 121 वोटों का रहा, जो पांचों पदों में सबसे कम है।
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कंधों पर उठाया विजेताओं को
शाम पांच बजे मतगणना शुरू हुई। आधिकारिक घोषणा होने से पहले ही विजेताओं को उनके समर्थकों ने कंधों पर उठा लिया। ढोल की थाप पर विजेता नाचने लगे। जुलूस में विजेताओं को उनके समर्थक घर तक लेकर गए।