जींद। राजकीय महाविद्यालय अलेवा के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और हिंदू कन्या महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के तत्वावधान में शनिवार को बहुविषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑनलाइन आयोजित किया गया। सम्मेलन कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अनुसंधान, नवाचार, स्थिरता एवं उद्यमिता पर केंद्रित रहा।
सम्मेलन की अध्यक्षता राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य मुनीष कुमार ने की। सीआरएसयू के कुलपति प्रो. रामपाल सैनी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार आधारित तकनीक शिक्षा, उद्योग, प्रशासन, स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने शोधार्थियों और विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान का उपयोग सामाजिक समस्याओं के समाधान और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में करने का आह्वान किया।
कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के रजिस्ट्रार प्रो. रितेश शाह ने मुख्य वक्ता के रूप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बदलते स्वरूप, उच्च शिक्षा में इसके उपयोग, अनुसंधान की नई संभावनाओं और तकनीकी विकास से जुड़ी नैतिक चुनौतियों पर विचार रखे। सम्मेलन में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की उपनिदेशक डॉ. पूनम पूनिया, साउथ एशियन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. नसीब गिल और टोरंटो (कनाडा) स्थित माइक्रोसेज इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च के निदेशक डॉ. मिर्जा इब्राहीमी ने भी भाग लिया।
सम्मेलन में 12 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग, मशीन लर्निंग, डिजिटल शिक्षा, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान की नई तकनीकों, सतत विकास लक्ष्यों, सामाजिक उद्यमिता और नवाचार आधारित व्यवसायों जैसे विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। कुल 275 शोध पत्र प्रस्तुत हुए और विभिन्न संस्थानों के 342 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन संयोजक डॉ. गौरव बंसल ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं को साझा मंच उपलब्ध कराना था, ताकि अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास से जुड़े विचारों का आदान-प्रदान हो सके।