रोहतक। निजी बस संचालकों के दुर्व्यवहार से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि रोहतक-सोनीपत रूट पर निजी बस संचालक पास मान्य नहीं कर करते। अगर बस में सवार हो जाते हैं तो झगड़ा करने लग जाते हैं। यही नहीं कई संचालक तो बीच रास्ते बस से ही नीचे उतार देते हैं।
छात्र-छात्राओं ने बताया कि बातचीत करने पर हंगामा भी किया जाता है। जाट महाविद्यालय की छात्रा प्राची ने बताया कि आरएटीए (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण) व रोडवेज महाप्रबंधक को शिकायत दी है। हालांकि, आरटीए अधिकारी ने समझौता कर शिकायत वापस लेने की बात कही। वहीं, छात्रा भावना ने बताया कि बस पास मान्य नहीं करते। महिलाओं व छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इसका विरोध करने पर अभद्र भाषा व गाली-गलौज किया जाता है।
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मेरे संज्ञान में मामला नहीं आया है। विद्यार्थियों के सरकारी बस पास निजी बसों में मान्य हैं। कोई बस संचालक पास मान्य नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मेजर गायत्री अहलावत, सचिव, आरटीए।
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ये बोले विद्यार्थी
निजी बस संचालक समझाने पर झगड़ने लगते हैं, इन बसों में छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। आएटीए विभागों के अधिकारियों को शिकायत करने पर समझौते के लिए बोला जाता है।
- प्राची, छात्रा, रोहतक।
रोडवेज की बसों का समय अनुसार का संचालन किया जा रहा है। अगर निजी बसों में बैठते हैं तो संचालक दुर्व्यवहार करते हैं। बस पास के लिए आरक्षित सीट पर भी नहीं बैठने देते।
- हिमांशु लाकड़ा, छात्र, एमडीयू।
मैं खरखौदा से रोहतक पढ़ाई के लिए बस में आवागमन करती हूं। रोडवेज बस कम होने से निजी बसों में सवार होते हैं और संचालक बस पास नहीं मान्य करते।
- स्वाति छात्रा, रोहतक।
17सीटीके01 प्राची, छात्रा, रोहतक
17सीटीके01 प्राची, छात्रा, रोहतक