रोहतक। समाधान शिविर में स्वयं प्रमाणित प्रॉपर्टी से जुड़ी शिकायत रद्द होगी। इसके लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करानी होगी। इसके बाद निगम के अधिकारी जांच करके अंतिम निर्णय लेंगे। अगर प्रॉपर्टी की मलकियत से जुड़ा विवाद मामल तो अदालत जाना होगा। वीरवार को समाधान शिविर में आई शिकायत पर निगम ने यह निर्णय लिया। शिविर में कुल आठ शिकायतें आईं, इनमें से तीन को रद्द कर दिया गया, जबकि दो का समाधान निकाला गया। बाकी के लिए समय-सीमा तय की गई है।
वीरवार को निगम आयुक्त डॉक्टर ब्रह्मजीत सिंह रांगी, संयुक्त आयुक्त नवदीप सिंह मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए चंडीगढ़ गए हुए थे। उनकी गैर मौजूदगी में डीएमसी जितेंद्र कुमार ने समाधान शिविर में शिकायतों की सुनवाई की। रूड़की गांव निवासी एवं पूर्व चेयरमैन यशपाल हुड्डा ने शिकायत दी कि उसके पिता ने 1966 में शीला बाईपास के पास जमीन खरीदी थी। उसमें से 79 गज जमीन अब भी बची हुई है। उस प्लाट की उन्होंने चार दिवारी करवा रखी है, लेकिन किसी ने उक्त प्लॉट की आईडी बनवा ली। वह निगम में पहुंचा और लिखित शिकायत देकर जमीन का रिकार्ड मांगा और अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया। अब निगम के अधिकारियों ने कहा कि दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।
उधर, आंबेडकर कॉलोनी निवासी जगदीश चंद्र व न्यू राजेंद्रा कॉलोनी निवासी शकुंतला की शिकायत भी रद्द की गई है। अधिकारियों ने बताया कि न्यू राजेंद्र नगर की संबंधित आईडी पहले ही जारी हो चुकी है। जबकि जगदीश चंद्र ने पूरे कागजात नहीं थे। विजय नगर निवासी धर्मबीर, सेक्टर 25 निवासी शिखा वर्मा, राजेंद्र नगर निवासी सुनील सैनी की अर्जी सुनवाई के लिए रख ली बकि रामगोपाल कॉलोनी निवासी अनीता व अजीत कॉलोनी निवासी निर्मला की समस्या हल कर दी।
जिस प्रॉपर्टी को स्वयं प्रमाणित कर रखा है, उसमें तत्काल संशोधन संभव नहीं है। इसके लिए अलग से ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करानी होगी। इसके बाद निगम की टीम जांच करेगी। दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, डीएमसी और नोडल अधिकारी, नगर निगम