रोहतक। सतगामा के प्रधान को लेकर मामला उलझा हुआ है। शुक्रवार को बालंद में पंचायत कर श्रीपाल को सतगामा का प्रधान चुना गया तो शनिवार को दूसरा गुट सामने आया और सतगामा के लोगों की ओर से सर्वसम्मति से राजकुमार को प्रधान चुने जाने का दावा किया। फिलहाल दोनों गुटों ने अपने-अपने प्रधान चुनने का दावा किया है।
शुक्रवार को चुने गए प्रधान श्रीपाल का कहना है कि सतगामा के 90 प्रतिशत लोगों ने पंचायत में सर्वसम्मति से प्रधान के पद पर नियुक्त किया है। इससे पहले दो साल के लिए भी लोगों ने प्रधान के पद पर नियुक्त किया था। मौजूदा में रहे सरपंच ने भी पंचायत में हमारे हक में फैसले का निर्णय लिया। फिर भी सातों गांव के लोगों का जो निर्णय होगा, वह अंतिम निर्णय होगा। उन्हीं लोगों ने सर्वसम्मति से चुना और उन्हीं के मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हुए विकास की राह पर चलने को तैयार है।
शनिवार को चुने गए प्रधान राजकुमार का कहना है कि शुक्रवार को हुई पंचायत से श्रीपाल अपने लोगों को लेकर किसी दूसरी चौपाल में चला गया। इसी दौरान मौजूद गांव के लोगों ने शनिवार को पंचायत कर सर्वसम्मति से प्रधान पद पर नियुक्त किया है। गांव के लोगों ने किए गए कार्यों को लेकर ही इस पद के लिए चुना गया है। जैसे गांव के लोग कहेंगे वैसा ही किया जाएगा। उनके कहने पर ही यह सब हुआ है। अगर गांवों के लोग नहीं कहते तो वह नहीं चुना जाता। उन्होंने कुछ सोच समझकर ही इस पद के लिए नियुक्त किया है।
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बालंद में शहीद भगत सिंह की मूर्ति का किया अनावरण
बालंद गांव में शनिवार को शहीद भगत सिंह युवा क्लब की तरफ से शहीदी दिवस पर भगत सिंह की मूर्ति का भी अनावरण किया गया। इसमें मुख्य अतिथि एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन रहे। साथ में शुक्रवार को चुने गए सतगामा के प्रधान श्रीपाल व सरपंच नितिन कुमार समेत गांव के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।