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Rohtak News: वार्षिक शोकेस प्रदर्शनी पीएलसी सुपवा में शुरू

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रोहतक।
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स्टूडेंट्स शोकेस वार्षिक कला प्रदर्शनी का 7वां संस्करण वीरवार को उत्साह के साथ शुरू हुआ। सात दिवसीय प्रदर्शनी के उद्घाटन पर पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी राज्य मंत्री संजीव बालियान मुख्य अतिथि रहे। सांसद अरविंद शर्मा और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह भी उपस्थित रहे। छात्रों की ओर से साल भर में विकसित कला उत्पादों को प्रदर्शित करने और बढ़ावा देने के लिए हर साल दृश्य कला संकाय की ओर से प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है।

मंत्री ने कहा कि टीम के प्रयास की प्रशंसा की और इस प्रदर्शनी के महत्व पर जोर दिया। दृश्य कला संकाय, इस प्रदर्शनी के माध्यम से छात्रों के बनाए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रस्तुत करने और उन्हें कला के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रदर्शित कलाकृति की बारीकियों और नींव को समझते हुए, कलाकार-छात्रों के साथ लंबी बातचीत की। युवा कलाकार अपनी कला की आत्मा को बनाए रखें और व्यावसायीकरण की उन्मादी दौड़ में न पड़ें। हर तरह से वे अच्छे पेशेवर बनें, लेकिन एक ईमानदार और उद्देश्यपूर्ण कलाकार होना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
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कुलपति गजेंद्र चौहान ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि इस तरह की प्रदर्शनी इतने उत्साह और भागीदारी के साथ हो रही है। युवा कलाकारों को इस तरह की परिपक्व और अंतरदृष्टिपूर्ण पेंटिंग बनाते हुए देखना खुशी की बात है। यह कला पीएलसी सुपवा के युवाओं की प्रतिभा और रचनात्मक भावना का सच्चा प्रतिबिंब है।

दृश्य कला संकाय के 250 से अधिक छात्रों की ओर से निर्मित 600 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। कला की महत्वपूर्ण श्रेणियों में जागरूकता, सामाजिक संदेश, उत्पाद स्थिति, आदि, तेल चित्रकला, एक्रिलिक पेंटिंग, स्थापना कला, साइट विशिष्ट कला, मिट्टी और फाइबर कला मूर्तियां, फोटोग्राफी, स्केच, मिट्टी मॉडलिंग, और आउटडोर लैंडस्केप पेंटिंग आदि शामिल रहे। संवर्धित वास्तविकता और आभासी वास्तविकता आधारित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया।



दृश्य कला संकाय के प्रमुख प्रकाश खांडे ने कहा कि, “हमारे छात्रों की विकसित कला पेशेवर मानकों के अनुरूप है। हम छात्रों को उद्योग इंटरफेस प्रदान करने का भी प्रयास कर रहे हैं। बाजार में विजुअल आर्टिस्ट की काफी डिमांड है, खासकर मीडिया, एंटरटेनमेंट और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में।”
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प्रदर्शनी 12 जून तक जारी रहेगी। यह आम जनता के लिए भी खुली रहेगी। इस मौके पर रजिस्ट्रार वीपी नांदल, डीन छात्र कल्याण प्रो ज्ञानेंद्र सिंह, निदेशक, जनसंपर्क डॉ. बेनुल तोमर, निदेशक आईटी डॉ. सीमा समेत पूरे दृश्य कला के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।
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