नौकरियों में पक्षपात और भाई-भतीजावाद का आरोप लगाकर धरना देने वाले ताऊ
देवीलाल के पौत्र अनिरुद्ध चौटाला सहित पांच कार्यकर्ताओं ने जमानत नहीं
ली।
इन्हें बुधवार को पुलिस कर्मचारियों ने बापू पार्क से धरने से
गिरफ्तार किया था। अनिरुद्ध समेत 22 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अदालत में
पेश किया। पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया था।
अनिरुद्ध चौटाला का कहना है कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए पक्षपात
और भाई-भतीजावाद इतना बढ़ गया है कि काबिल अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल
रहा। पिछली कुछ सरकारों के दौरान हुईं बहुत सी भर्तियों में फर्जीवाड़ा
मिला, जिनके आरोपी जेल में हैं।
17 प्रदर्शनकारियों ने जमानत
के लिए अर्जी दी, जबकि अनिरुद्ध चौटाला, सुरजीत, धीरज, सुरेंद्र और कप्तान
ने जमानत के लिए अर्जी नहीं दी, जिस पर अदालत ने पांचों को न्यायिक हिरासत
में जेल भेज दिया।