रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग एवं विज्ञान भारती हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरणीय चुनौतियां और नवाचार विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रकृति के अनुकूल जीवन मूल्यों पर आधारित है। .यह आज विज्ञान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है।
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उन्होंने कहा कि भारतीय ग्रंथों में वर्णित पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांत वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हैं। प्रो. पूनियां ने वैज्ञानिकों और शोधार्थियों से नवाचार आधारित शोध को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए जीरो नेट एमीशन और पराली प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रभावी अनुसंधान की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि भविष्य में एमडीयू में नवाचार, स्मार्ट अध्ययन और उद्यमिता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम में तृप्ता ठाकुर ने भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय विकास को नई दिशा देने की बात कही। वहीं कुलसचिव संदीप बंसल ने इसे देश की समृद्ध विरासत का अभिन्न अंग बताया। रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।