रोहतक। दादा लख्मी चंद प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (सुपवा) में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्र कंपनी स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इसका गठन कंपनी अधिनियम के सेक्शन-8 के तहत होगा। इस प्रस्ताव को यूनिवर्सिटी की कार्यकारिणी परिषद (ईसी) की बैठक में मंजूरी मिली।
कंपनी यूनिवर्सिटी के छात्रों और शोधार्थियों के इनोवेटिव आइडिया को स्टार्टअप में बदलने के लिए आर्थिक सहायता देने का काम करेगी। साथ ही स्टार्टअप को शुरुआती स्तर से विकसित कर उन्हें बाजार तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
दो सीनियर फैकल्टी होंगे निदेशक
कंपनी के संचालन के लिए दो वरिष्ठ फैकल्टी को निदेशक नियुक्त किया जाएगा। ये निदेशक स्टार्टअप को मेंटरशिप देने के साथ-साथ उन्हें इंडस्ट्रियल सपोर्ट और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएंगे ताकि स्टार्टअप सफलतापूर्वक आगे बढ़ सके।
डीपीआईआईटी मान्यता से लेकर टैक्स छूट तक मिलेगी सहायता
कुलपति डॉ. अमित आर्य ने बताया कि कंपनी स्टार्टअप को केंद्रीय उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग से मान्यता दिलाने, टैक्स में छूट दिलाने और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य भी करेगी। इसके अलावा स्टार्टअप को मजबूत करने के लिए यूनिवर्सिटी में इनक्यूबेटर और इनोवेशन लैब भी स्थापित होगी। मेंटरशिप प्रोग्राम, प्रतियोगिताओं के जरिए स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने में मदद की जाएगी।
10 साल का होगा कार्यकाल, छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने पर रहेगा फोकस
कंपनी का प्रारंभिक कार्यकाल 10 वर्ष तय किया गया है। भविष्य में समीक्षा के आधार पर बढ़ाया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने के लिए प्रेरित करना है।