अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) से शहर की सूरत बदलने वाली है।
जनता को जहां अमृत जैसा साफ पानी पीने को मिलेगा। वहीं, शहर की यातायात
व्यवस्था में सुधार होगा और नालों में बहते मल और गंदगी से छुटकारा मिलेगा।
जगह-जगह पार्किंग की व्यवस्था होगी तो हरे-भरे पार्क होंगे। पैदल चलने
वाले के लिए अलग मार्ग होगा। प्रदूषण नियंत्रण पर काम होगा।
भारत सरकार
ने जेएनएनयूआरएम योजना का नाम बदलकर अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन किया
है। साथ ही, नए नाम के साथ नए कामों की शुरुआत करने का प्रोजेक्ट तैयार हो
गया है। जिसके लिए करोड़ों रुपये के बजट की व्यवस्था की गई है।
अगर मिशन
को सही से चलाया गया तो शहर स्मार्ट सिटी में आए बिना ही स्मार्ट हो जाएगा।
इसके लिए पूरा प्लान तैयार हो चुका है और उस प्लान को शासन तक भी भेज दिया
गया है। जिस तरह से प्लान तैयार हुआ है, अगर उसी तरह काम होता है तो शहर
की सूरत बदल जाएगी।
जलापूर्ति
- जलापूर्ति में वृद्धि करने के लिए जल शोधन संयंत्र और मीटर लगेंगे। वर्षा जल संचित किया जाएगा।
- शोधन संयंत्रों सहित समस्त पुरानी जलापूर्ति प्रणालियों का पुनर्स्थापन होगा
- पेयजल आपूर्ति के लिए भूमिगत जलाशयों का पुनरुद्धार होगा
- जहां पर पानी खराब है, वहां जलापूर्ति पर विशेष काम होगा
सीवरेज सिस्टम
- शहर में पुरानी सीवरेज प्रणाली और शोधन संयंत्रों का पुनर्स्थापन होगा
- एसटीपी से निकलने वाले साफ पानी का उपयोग सिंचाई आदि में होगा
- भूमिगत सीवरेज प्रणाली लागू होगी
जलभराव
- बारिश के दौरान जलभराव से मुक्ति मिलेगी
- ऐसे जलभराव को खत्म करने के लिए नाले बनेंगे
- पुराने नालों का निर्माण कराकर सुधार किया जाएगा
शहरी परिवहन
- शहर को जाम मुक्त किया जाएगा
- हर जगह पार्किंग की उचित व्यवस्था होगी
- पैदल चलने के लिए भी ट्रैक बनाया जाएगा
- परिवहन की व्यवस्थाओं को बढ़ाया जाएगा
पार्क सौंदर्यीकरण
- पार्कों में पौधे और फूल दिखाई देंगे
- वहां पूरी तरह से साफ-सफाई रहेगी
- झूले, बेंच आदि सुविधाएं भी मिलेंगी
अमृत
योजना के तहत प्लान पूरी तरह से तैयार हो चुका है। इस योजना के तहत नगर
निगम और पब्लिक हेल्थ को काम करना है। किस जगह क्या काम होना चाहिए? इसका
पूरा प्लान शासन को भेजा गया है, जिसमें जल्द ही शहर की कायापलट हो सकती
है।
दलबीर सिंह फौगाट, ज्वाइंट कमिश्नर।