इसी बीच तीन युवक शराब ठेके के अंदर आए। तीनों हाथों में पिस्तौल लिए हुए थे। युवकों ने आते ही कहा, नीचे बैठ जाओ, नहीं तो सभी मारे जाओगे। इसके बाद तीनों युवक पीछे गए और गोलियां चलाने लगे। जयदीप पीछे से उठकर आया और उसके पास फोल्डिंग के नीचे से निकलकर तख्त के नीचे आ गया। तभी तीनों युवक गोलियां चलाते हुए उनके पास आए। आते ही विनय को सीधे छाती में गोली मारी। फिर नीचे बैठकर अनुज राणा व जयदीप पर गोलियां चलाईं।
अनुज के बाएं पैर में दो गोलियां लगीं, जबकि जयदीप को छाती में गोलियां लगीं। तीनों युवक ठेके के अंदर पीछे की तरफ दोबारा गए और फिर फायरिंग शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद युवक गोलियां चलाते हुए मौके से फरार हो गए। युवकों के जाने के बाद मोहित, उज्जवल, रविंद्र व दीपक ने घायलों को पीजीआई के ट्राॅमा सेंटर में दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों ने जयदीप, विनय व अमित उर्फ मोनू को मृत घोषित कर दिया।
वारदात की सूचना पर एसपी हिमांशु गर्ग व डीएसपी रजनीश कुमार एफएसएल एक्सपर्ट डॉक्टर सरोज दहिया की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन घटनास्थल पर अंधेरा होने के कारण सही ढंग से जांच नहीं हो सकी। शुक्रवार सुबह दोबारा एफएसएल टीम पहुंची और पड़ताल की।
घायल के बयान पर अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। केस में फिलहाल राहुल उर्फ बाबा पर आरोप नहीं लगाया गया है। अब पुलिस की जांच में क्या तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। -इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह, प्रभारी थाना आईएमटी, रोहतक।