खरखौदा। शहर के आंबेडकर पार्क की बदहाल स्थिति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लेने के बावजूद हालात नहीं बदले हैं। शहर का आंबेडकर पार्क रखरखाव के अभाव में बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। दो वर्ष पूर्व उद्घाटन के बाद जिस पार्क को आधुनिक मनोरंजन और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने का दावा किया गया था। वह आज टूटे झूलों, खराब ओपन जिम उपकरणों और बंद पड़ी लाइटों के सहारे उपेक्षा की कहानी बयां कर रहा है।
पार्क में लगे अधिकांश झूले टूट चुके हैं। ओपन जिम की कई मशीनें जंग खाकर उपयोग के लायक नहीं है। पार्क में टूटे झूले और जिम उपकरण बच्चों व युवाओं की सुरक्षा के लिए बने खतरा बने हुए हैं। पार्क की लाइटें लंबे समय से खराब होने से दिन ढलने ही पार्क अंधेरे में डूब जाता है। कुछ पोल तक टूटकर गिर चुके हैं और बाकी जर्जर हालात में हैं। यहां आने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन माह पहले तत्कालीन एसडीएम डॉ. निर्मल नागर ने पार्क की स्थिति का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए थे। आदेशों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा। प्रशासन की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों धर्मेंद्र, कैलाश, कृष्ण, निशा, ओमप्रकाश, हवासिंह और बनवारी का कहना है कि पार्क में रोजाना सैकड़ों लोग सुबह-शाम सैर और व्यायाम के लिए आते हैं। पार्क में बुनियादी सुविधाएं तक दुरुस्त नहीं हैं। लगाता है नगर पालिका व प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार है।
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कुछ दिन पहले भी की थी मांग
शहर वासियों ने आंबेडकर पार्क की बदहाल स्थिति को देखते हुए डेढ़ माह पहले भी एसडीएम कार्यालय में मेल के माध्यम से पार्क की जर्जर स्थिति के बारे में बताया था और इसकी मरम्मत कराने की मांग की थी। इस मांग को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। लोगों में प्रशासन व नगर पालिका की कार्यप्रणाली के प्रति रोष है।
वर्जन
आंबेडकर पार्क की जांच कराकर जो भी खामियां है उन्हें दूर कराया जाएगा। जल्द ही इस पर काम करते हुए लोगों को सुविधा देने का काम होगा।
-हीरा लाल इंदौरा, अध्यक्ष, नगरपालिका
फोटो : सोनीपत के खरखौदा स्थित आंबेडकर पार्क में टूटा पड़ा झूला। स्रोत: पाठक
फोटो : सोनीपत के खरखौदा स्थित आंबेडकर पार्क में टूटा पड़ा झूला। स्रोत: पाठक