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पीजीआई की तीनों यूनियन सरकार को देगी लीगल नोटिस

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प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में लागू होने जा रही कॉमन कैडर ट्रांसफर पॉलिसी का विरोध करते हुए पीजीआईएमएस रोहतक के डॉक्टरों, नर्सों व पैरा मेडिकल स्टाफ ने सरकार को लीगल नोटिस देने की चेतावनी दी है। हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन, नॉन टीचिंग इंप्लाइज एसोसिएशन और स्टाफ नर्सिंग एसोसिएशन का कहना है कि वह बुधवार को काले बैज लगाकर काम करेंगे और वीरवार को पैदल मार्च निकालते हुए कुलपति व निदेशक को ज्ञापन सौंपेंगे।
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डॉक्टरों, नर्सों व कर्मचारियों की एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से कहा है कि 16 जून को वह काले बैज लगाकर कार्य करेंगे और 17 जून को दोपहर 12 बजे पैदल मार्च निकालेंगे। तीनों संगठनों ने संयुक्त रूप से कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग की तरह मेडिकल कॉलेजों व स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के डॉक्टरों-कर्मियों का तबादला करने के लिए कॉमन कैडर ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने जा रही है। इससे प्रदेश में अव्वल रहने वाले पीजीआईएमएस का अस्तित्व प्रभावित होगा। इसके विरोध में मंगलवार को सुश्रुत ऑडिटोरियम में दोपहर दो बजे से हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. आरबी जैन, नॉन टीचिंग इंप्लाइज एसोसिएशन प्रधान तारीफ सिंह, स्टाफ नर्सिंग एसोसिएशन अशोक यादव, पीजीआईएमएस की हर फैकल्टी के वरिष्ठ डॉक्टरों ने मंथन किया। इसमें तय किया गया कि करीब डेढ़ घंटे बुधवार से हर कर्मी काले बैज लगाकर काम करेगा। वहीं डॉ. आरबी जैन, तारीफ सिंह व अशोक यादव ने बताया कि यदि लीगल नोटिस देने के बाद सरकार की तरफ से सरकार जवाब नहीं मिलेगा तो वह सभी कामकाज बंद करके सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। यह आंदोलन मांगे माने जाने तक जारी रहेगा। बैठक में डॉ. प्रीति गहलोत, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. जगदीश दलाल, डॉ. अजय श्योरान, डॉ. जगजीत दलाल, डॉ. उमेश यादव, डॉ. मोहित खन्ना, डॉ. गीता, डॉ. संजय जौहर, डॉ. एआर बंसल, डॉ. हरप्रीत, डॉ. रूप सिंह, डॉ. देवगन, डॉ. कपिल, डॉ. ज्योत्नना, डॉ. सीमा, डॉ. ईश्वर, डॉ. गजेंद्र सिंह, डॉ. विनोद, डॉ. विवेक मलिक, डॉ. सुमित सचदेवा, डॉ. अशोक राठी आदि मौजूद रहे।
क्या है सरकार की कॉमन पॉलिसी
कॉमन पॉलिसी के तहत प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों व कर्मचारियों का तबादला करती है। इससे जहां पर डॉक्टरों की कमी होती है, वहां दूसरे स्थान से डाक्टर को भेज दिया जाता है। इसके तहत तीन से पांच साल के बीच में ट्रांसफर होना सुनिश्चित होता है।
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क्यों है कॉमन पॉलिसी का विरोध
पीजीआईएमएस के डॉक्टर, नॉन टीचिंग स्टाफ व नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि नियमानुसार उनका स्थानांतरण नहीं हो सकता है। आरोप है कि सरकार के कुछ नुमाइंदे अपने शुभचिंतकों को लाभ पहुंचाने के लिए यह पॉलिसी लागू कर रहे हैं। उनको मिले नियुक्ति पत्र में तबादला होने का कोई जिक्र नहीं है। चूंकि तबादला नीति लागू नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने परिवार के हालात को देखकर आवेदन किया और नियुक्ति मिली।
बोले, आगे से लागू करें, बैंक डेट से नहीं
पीजीआईएमएस की तीनों एसोसिएशन के प्रधानों का कहना है कि सरकार कॉमन पॉलिसी लागू करे मगर बैक डेट से नहीं। सरकार बैंक डेट से पॉलिसी लागू करने पर अड़ी है, इसलिए विरोध का कदम उठाया है।
हिदायत : जो नहीं आएगा वह होगा ग्रुप से बाहर
मंथन के दौरान चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी डॉक्टर, कर्मी अथवा नर्सिंग हैड यदि विरोध में शामिल नहीं हुआ तो वह भविष्य में होने वाली मीटिंग में नहीं आएगा। ऐसे व्यक्ति को संगठन से बाहर किया जाएगा।
यूजी व पीजी छात्रों के सहारे आंदोलन
मंथन में बताया गया कि पूर्व में हो चुके आंदोलनों में यूजी व पीजी छात्रों के शामिल होने से दबाव बनता है। इनके आंदोलन में शामिल होने से मेडिकल कामकाज पूरा ठप हो जाता है। इसलिए हर कदम पर इनका साथ जरूरी है।
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