सांपला। यात्री सांपला रेलवे स्टेशन पर आएं तो पानी साथ लेकर आएं। भीषण गर्मी में रेलवे स्टेशन पर पेयजल व्यवस्था नहीं है। यहां एक नहीं, दो-दो टंकियां रखी हैं लेकिन इनमें पानी की एक बूंद भी नहीं। यहां लगे नल सूखे पड़े हैं। प्यासे यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेशन पर आए रेल यात्रियों रोशनलाल, मोहन, जसबीर सिंह, अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि स्टेशन पर ठंडा पानी मिलेगा। यहां नलों से ठंडा तो दूर गर्म पानी तक नहीं निकलता है। यहां आकर निराशा हाथ लगी। यात्रियों ने यह भी कहा कि ट्रेन में भी गर्मी के कारण पानी गर्म हो चुका है। इससे सफर और कठिन हो गया है।
रविवार दोपहर जैसे ही सवारी गाड़ी स्टेशन पर रुकी, यात्री हाथ में खाली बोतलें लेकर पानी भरने के लिए नलों की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही समय बाद उखड़े हुए प्लेटफार्म नंबर एक पर बनी टंकी में पानी तो दूर टोंटी तक नजर नहीं आई। यात्री निराश होकर वापस ट्रेनों में सवार हो गए।
पिछले दिनों मंडी की सामाजिक संस्था ने प्लेटफार्म नंबर-2 पर प्याऊ बनवाई थी। इसका नल भी सूखा मिला। स्टेशन पर लगे नलों से टोंटियां ही गायब हैं। इस ओर रेलवे अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। संवाद
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रोजाना दो हजार यात्री करते हैं सफर
सांपला रेलवे स्टेशन से रोजाना शहर के अलावा गढ़ी, भापड़ोदा, आसंडा, गिझी, दतोड़, अटायल, कुलताना, भैंसरू, हसनगढ़, नयाबास, समचाना, मोरखेड़ी, खरड़, बहराणा, छारा गांवों से करीब दो हजार लोग ट्रेनों में सफर करते हैं। भीषण गर्मी में उन्हें बिना पानी के भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
20 रुपये में एक लीटर पानी
रेलवे विभाग की यात्रियों के प्रति लापरवाही का खामियाजा ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है क्योंकि हालात यह है कि स्टेशन हो या ट्रेन लोगों को 20 रुपये में एक लीटर पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ती है। वहीं, रेलवे के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों प्लेटफार्म पर निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते पाइपलाइन टूटी हुई है। उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया गया है। जल्द यह समस्या दूर की जाएगी।
सांपला रेलवे स्टेशन पर सूखी पड़ी प्याऊ- फोटो : samvad