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गोहाना-पानीपत रेलवे लाइन पर एलिवेटेड ट्रैक को इंजीनियर्स की हरी झंडी

Fri, 15 Jul 2016 02:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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एक्सपर्ट की टीम ने किया निरीक्षण, सवा चार किलोमीटर में तैयार होगा ट्रैक - फोटो : amar ujala
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 शहर के बीचोंबीच गुजर रही गोहाना-पानीपत रेलवे लाइन पर 314 करोड़ रुपये से बनने वाले एलिवेटेड ट्रैक को इंजीनियर्स ने हरी झंडी दे दी है। बृहस्पतिवार को एक्सपर्ट की तीन टीम ने ट्रैक पर मैनुअल ट्राली में बैठ कर निरीक्षण किया। सवा चार किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक का काम चार माह में शुरू हो जाएगा। स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर ने इंजीनियर्स की टीम के साथ पूरे प्रोजेक्ट के बारे में चर्चा भी है। इंजीनियर्स का दावा है कि निर्माण कार्य के दौरान रेल यातायात बाधित नहीं होगा। यानी प्रोजेक्ट भी पूरा हो जाएगा और रेल भी चलती रहेगी।
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दिल्ली से रोहतक रेलवे स्टेशन आए अतिरिक्त महाप्रबंधक वेदपाल, सहायक मंडल रेल प्रबंधक आरसी गुप्ता, मुख्य अभियंता राजेश अग्रवाल, उप मुख्य अभियंता मोना श्रीवास्तव, सीनियर डीएम फोर बिजेंद्र सिंह, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर से अधीक्षण अभियंता प्रदीप रंजन और कार्यकारी अभियंता हनुमत सांगवान ने तीन टीमों बनाकर पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया। तीनों टीम रोहतक रेलवे स्टेशन से चल कर सेक्टर छह हुडा आरओबी तक गईं। इसके बाद टीम ने कैनाल रेस्ट हाउस में बैठकर प्रोजेक्ट पर चर्चा की। इस मौके पर सिविल इंजीनियर्स की टीम के साथ रेलवे सुरक्षा प्रभारी एसपी सिंह व अन्य भी मौजूद रहे।

विधायक ने पूछे सवाल

एक्सपर्ट की टीम से विधायक मनीष ग्रोवर ने पूछा कि सवारी गाड़ी और माल गाड़ी कम दूरी पर ऊंचाई पर कैसे चढे़ंगी। इंजीनियरों ने विधायक को पूरी तकनीक की जानकारी दी। टीम ने बताया कि सामान्य पुल 30 मीटर पर एक फुट उठाया जाता है, जबकि रेलवे का ओवर ब्रिज 200 मीटर पर एक फुट उठाया जाता है। इससे सवारी और माल गाड़ी आसानी से पुल पर चढ़ और उतर सकेंगी।
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डबल फाटक से हुडा सेक्टर छह तक होगा ट्रैक

एलिवेटड रेलवे ट्रैक को डबल फटक से उठाना शुरू किया जाएगा और हुडा सेक्टर छह के आरओबी से पहले उतार दिया जाएगा। इसमें बजरंग भवन फाटक, सोनीपत रोड फाटक, शीला बाईपास फाटक व मानव रहित फाटक सेक्टर छह के ऊपर से रेल गाड़ी को गुजारा जाएगा। पुल की ऊंचाई तकरीबन छह फुट बेस की होगी। इसके ऊपर का बेस चार से पांच मीटर का होगा।

अप डाउन ट्रैक के हिसाब से होगा काम

प्रोजेक्ट में अप डाउन रेलवे ट्रैक के हिसाब से काम होगा। हालांकि, बृहस्पतिवार की बैठक में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ट्रैक वन पिल्लर पर होगा या टू पर। लेकिन अधीक्षण अभियंता प्रदीप रंजन ने बताया कि दोनों में ही समस्या नहीं है।

रेलवे अपनी जमीन का करेगा प्रयोग, नहीं होगा यातायात बाधित

रेलवे अपनी जमीन पर ही निर्माण कार्य करेगा। सवा चार किलोमीटर का रेलवे यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए मेट्रो की तर्ज पर एरिया को कवर किया जाएगा। रेलवे लाइन के साथ श्रीनगर, गांधी कैंप पुलिस चौकी, सुभाष नगर की ओर रेलवे की काफी जमीन है। यहां पर प्रोजेक्ट शुरू होगा, इससे यातायात भी प्रभावित नहीं होगा। रेलवे की 25 से 29 मीटर की जगह है, जबकि कार्य 16 से 17 मीटर पर होना है।

ऊपर होगा रेलवे ट्रैक, नीचे होगा 10 मीटर का माल रोड

एलिवेटिड रेलवे ट्रैक पूरा होने के बाद नीचे 10 मीटर का माल रोड बनाया जाएगा। इसे पीडब्ल्यूडी विभाग प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद तैयार करेगा। अधीक्षण अभियंता प्रदीप रंजन के अनुसार इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद दो साल का समय लगेगा। जल्द ही इसका टेंडर होने जा रहा है। पूरा प्रोजेक्ट फाइनल हो चुका है, बृहस्पतिवार इसी की फाइनल जांच थी।

40 से 50 पेड़ और कुछ अतिक्रमण हटाए जाएंगे

पूरे प्रोजेक्ट में तकरीबन 40 से 50 पेड़ रास्ते में आ रहे हैं और कुछ अतिक्रमण भी हटाने की जरूरत पडे़गी। अधिकारियों ने कहा कि वे वन विभाग से अनुमति लेने के अलावा अतिक्रमण भी हटवा लेंगे।

किसानों की कृषि योग्य जमीन बची : ग्रोवर

विधायक मनीष ग्रोवर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट किसानों की कृषि योग्य जमीन को बचाएगा। कांग्रेस सरकार ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण करके रोहतक-गोहाना-पानीपत रेलवे लाईन बाईपास करने की योजना बनाई थी। इसका किसानों ने विरोध किया था। इस मौके पर उनके साथ भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य रमेश भाटिया, जिला उपाध्यक्ष जोगेंद्र सैनी, कुलविंद्र सिंह सिक्का, जितेंद्र बालंद व पदम ढुल आदि उपस्थित रहे।
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