12-पीजीआई में कार्यरत गेस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट प्रो. डॉ. संदीप गोयल
रोहतक। अत्यधिक शराब का सेवन लिवर समस्याओं का बड़ा कारण बन रहा है। शराब से लिवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। सही पोषण न लेने वालों को ज्यादा समस्या होने का खतरा रहता है।
पीजीआई की ओपीडी में हर माह करीब लिवर की समस्या के चलते 700 मरीज पहुंच रहे हैं। 80 प्रतिशत मरीज शराब के कारण ग्रस्त होकर आ रहे हैं।
पीजीआई में कार्यरत गैस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट प्रो. संदीप गोयल ने बताया कि हेपेटाइटिस बी व सी के साथ फैटी लिवर दूसरा बड़ा कारण है। पांच साल में शराब पीने से लिवर के मरीजों की संख्या 20% तक बढ़ी है।
शराब शरीर में प्रवेश कर इंजरी कम्पाउंड बनाती है, इसको ऑक्सीडेंट इंजरी कहते हैं। इससे लिवर कोशिकओं में सूजन आती है। फिर धीरे-धीरे कोशिका खत्म होने लगती है। लिवर पनीर की भांति नरम होता है लेकिन खराब होने पर सख्त हो जाता है। गांठें बन जाती हैं।
फैटी लिवर का सीधा जुड़ाव खान-पान व जीवनशैली से है। फास्ट फूड व तले पदार्थों का सेवन बढ़ गया है। इससे खाद्य पदार्थों का सही से पाचन नहीं हो पा रहा।
आजकल बच्चे भी साइकिल की जगह बिजली से चलने वाली बाइकों की डिमांड करने लगे हैं। संवाद
12-पीजीआई में कार्यरत गेस्ट्रोएंट्रोलाजिस्ट प्रो. डॉ. संदीप गोयल