फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हवन के बाद उद्योगपतियों ने किया लड़ाई का ऐलान, बोले- 1500 करोड़ रुपया लगा चुके हैं इस इलाके में, इसमें से 500 करोड़ रुपये बैंकों से उठाए

Sun, 27 Dec 2015 02:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
औद्योगिक इलाके में 222 प्लाटों का आवंटन रद किए जाने के मामले में प्लाट धारक उद्योगपति एकजुट हो गए हैं। अब 4 जनवरी को उद्योगपति सुप्रीम कोर्ट में चार ग्रुप बनाकर अपील दायर करेंगे। शनिवार को हुई उद्योगपतियों की बैठक में स्थानीय विधायक मनीष ग्रोवर भी पहुंचे और विचार साझा किए।
विज्ञापन

एचएसआईआईडीसी (हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवेलपमेंट कारपोरेशन) के उद्योगपतियों ने हक पाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया अपनाने का मन बनाया है। शनिवार को हवन के साथ उद्योगपतियों ने लड़ाई का ऐलान कर दिया। बैठक में बताया कि करीब 1500 करोड़ रुपये इस क्षेत्र में लग गया है। इसमें 500 करोड़ बैंक का पैसा है। ऐसे में आवंटन रद होने से सभी तबाह होने की कगार पर हैं। वहीं कई उद्योगपतियों ने रोष जताते हुए कहा कि हरियाणा में काम करना अब संभव नहीं हो पा रहा है। एचएसआईआईडीसी से सुरक्षित जगह और क्या होगी। जब यहीं पर हम सुरक्षित नहीं हैं। हमारे साथ 10 हजार से अधिक मजदूरों को भी नुकसान होगा। बैठक में कुताना संघर्ष समिति की ओर से सुरेश बंसल, सुरेंद्र जैन, संजीव गुप्ता, संजीव वधवा, प्रकाश आहूजा, आरपी गुप्ता और राजकुमार चावला मौजूद रहे।
धर्मगुरु भी पहुंचे समर्थन में
श्री बाबा लक्ष्मणपुरी धाम के महामंडलेश्वर कपिल पुरी और जन सेवा संस्थान के संचालक स्वामी परम चैतन्य भी उद्योगपतियों के हवन में पहुंचे। दोनों ने कहा कि सभी उद्योगपति एकजुट रहें, उनकी जीत होगी। उद्योगपतियों को न्याय की लड़ाई शांतिपूर्वक लड़नी चाहिए।
विज्ञापन

बोले उद्योगपति
हम सरकार के खिलाफ नहीं हैं। इसके बावजूद यदि सरकार हमें छेडे़गी तो हम सहन नहीं करेंगे। फिलहाल चार ग्रुप में सभी उद्योगपति अपना मामला एक साथ सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे। हम चाहते हैं कि कहीं से भी हमारा केस कमजोर न पडे़।
- राजेंद्र बंसल
उद्योगपति अलग नहीं हैं। एक साथ सभी ग्रुप केस सुप्रीम कोर्ट में डालेंगे। इसका हमें लाभ मिलेगा। आज कई उद्योगपतियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। हमारे बीच कोई विवाद नहीं हैं। सभी एकजुट हो कर न्याय की लड़ाई लडे़ंगे
- सुरेंद्र सान्हेवाल।
उद्योगपति कहां जाएं, करोड़ों रुपया एचएसआईआईडीसी में लग चुका है। सुप्रीम कोर्ट में जाने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं बचा है। प्लाटों का आवंटन नियमानुसार हुआ है या नहीं, ये तो उस समय के अधिकारी बता सकते हैं। इस मामले में उद्योगपतियों को क्यों घसीटा जा रहा है।
- मोंटू जैन लोहिया।
अब सरकारी जगह में भी उद्योग सुरक्षित नहीं होंगे तो हम कहां जाएं। हरियाणा में आठ साल से जो काम कर रहे हैं, वह बेकार हो गया है। सब कुछ दांव पर लग चुका है, अब आवंटन रद हो रहा है। यदि यह व्यवस्था सही नहीं हुई तो हरियाणा में कोई उद्योगपति नहीं आएगा। हैरानी है कि बाहर वालों को निमंत्रण दिया जा रहा है और अपनों को बर्बाद किया जा रहा है।
- रोहित बंसल।
सारी उम्र की कमाई उद्योग में लगा दी है। अब सड़क पर आने जैसा काम हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की तैयारी है। चार को मामला सुप्रीम कोर्ट ले जाएंगे, 15-20 जनवरी को केस लग जाएगा। इसके बाद देखेंगे क्या होता है।
- देंवेद्र जैन
अलग होने का सता रहा डर
कई ग्रुप में बंटे उद्योगपतियों में भय है कि यदि उनमें फूट पड़ी तो खामियाजा सभी को उठाना पडे़गा। क्योंकि एचएसआईआईडीसी में कई प्लाट धारक ऐसे हैं, जिन्होंने निर्माण कार्य नहीं किया है। जबकि आदेश हैं कि जो उद्योगपति अपना पैसा लेना चाहे वे 10 फीसदी ब्याज सहित अपनी राशि ले सकता है। यदि ऐसे केस होते हैं तो उनका केस कमजोर पड़ जाएगा।
बोले विधायक
मैं राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक व्यक्ति भी हूं। हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करना सभी का धर्म है, मैं भी करता हूं। प्लाट आवंटन रद होने में भाजपा सरकार की कोई इच्छा नहीं है। कोर्ट में केस कांग्रेस के कार्यकाल 2009 में यहीं के कुछ उद्योगपतियों ने डाला था। सरकार उद्योगपतियों के साथ है, लेकिन जो कानूनी तरीका होगा उसी में हम साथ हैं।
- मनीष ग्रोवर, विधायक।
बोले प्रदेशाध्यक्ष
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा है कि हम भावना और मानवता का सम्मान करते हैं, लेकिन कानून व संविधान के दायरे में रह कर। 222 प्लाट आवंटन रद मामला कांग्रेस के कार्यकाल में हुई बंदरबांट का नतीजा है। जो भी कानून व संविधान के दायरे में होगा, उस पर निर्णय लेंगे।
विज्ञापन

सुभाष बराला, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें