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हरियाणा: पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने महिलाओं के पैर छूकर मांगी माफी, किसानों ने खत्म किया धरना 

Sun, 18 Jul 2021 02:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)

सार

पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा है कि माफी न मांगना उनका निजी स्टैंड था। किसानों के आंदोलन के मामले में उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन किया है। ग्रोवर ने कहा कि हिसार वाली घटना के लिए उन्होंने पहले ही दिन ही खेद प्रकट कर दिया था। लेकिन वह पहले दिन से कह रहे हैं कि जब उन्होंने कोई गलती नहीं की तो वह माफी किस बात की मांगें।
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रोहतक में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के घर के बाहर बैठीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने आखिरकार हिसार प्रकरण में वहां की प्रदर्शनकारी महिलाओं से माफी मांग ही ली। इसके बाद किसान व अन्य संगठनों ने धरना और महापंचायत खत्म करने का एलान कर दिया। शनिवार देर रात 11 बजे जिला प्रशासन ने सिंचाई विश्राम गृह में किसान संगठनों और भाजपा नेताओं की बैठक बुलाई, जो करीब डेढ़ घंटा चली। उसमें एसडीएम राकेश सैनी, डीएसपी गोरखपाल व सज्जन कुमार भी मौजूद थे। बैठक के दौरान मीडिया को विश्रामगृह परिसर में भी नहीं रुकने दिया गया। रात करीब साढ़े 11 बजे सभी पक्षों की सामूहिक ब्रीफिंग के दौरान मीडिया को बुलाया गया, उसमें से भी प्रशासनिक अधिकारी अलग हो गए।
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किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि इस मसले को निपटाना जरूरी हो गया था। इसलिए बैठक में ग्रोवर ने अपनी बात रखी और हिसार की जिन महिलाओं ने उन पर आरोप लगाए थे, ग्रोवर ने उनके पैर छुए। इसके बाद हमारे संगठनों की 25 सदस्यीय कमेटी ने धरना और 19 जुलाई को होने वाली महिला न्याय महापंचायत न करने का फैसला लिया है।


किसान नेता बोले -फोटो में ग्रोवर भी दिखें
भाजपा और ग्रोवर की ओर से सतीश नांदल ने कहा कि हम सभी चाहते थे कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में दोनों पक्षों की सहमति से यह मामला जितना जल्दी निपट जाए, उतना अच्छा है। यह दोनों पक्षों के साथ शहर के लोगों के लिए भी अच्छा है। जब उनसे पूछा गया कि यही काम पांच दिन पहले क्यों नहीं हो सकता था, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ग्रोवर मौजूद नहीं थे। किसान नेताओं ने कहा कि हम चाहते हैं कि फोटो में ग्रोवर भी दिखें, ताकि शहर के लोगों में सही संदेश जाए। उसके बाद ग्रोवर आए।
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माफी न मांगना मेरा निजी स्टैंड: ग्रोवर

पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा है कि माफी न मांगना उनका निजी स्टैंड था। किसानों के आंदोलन के मामले में उन्होंने पार्टी के आदेश का पालन किया है। ग्रोवर ने कहा कि हिसार वाली घटना के लिए उन्होंने पहले ही दिन ही खेद प्रकट कर दिया था। लेकिन वह पहले दिन से कह रहे हैं कि जब उन्होंने कोई गलती नहीं की तो वह माफी किस बात की मांगें। उनका यह भी पहले दिन से स्टैंड था कि वह किसी भी कीमत पर धरनास्थल पर नहीं जाएंगे। लेकिन यह उनका निजी स्टैंड था। शनिवार को पार्टी ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई, जिसमें जिलाध्यक्ष अजय बंसल को सारे अधिकार सौंप दिए गए। 

जिलाध्यक्ष बंसल ने वरिष्ठ नेता सतीश नांदल की अगुवाई में एक कमेटी गठित करने का फैसला किया। कमेटी ने ही फैसला किया कि इस मामले को निपटाया जाए। कमेटी ने ही जिला प्रशासन से तालमेल किया, जिन्होंने आगे किसान नेताओं से संपर्क किया। उसके बाद तीनों पक्ष एक मेज पर आए। कमेटी के सदस्यों ने ही उन्हें देर रात सिंचाई विश्राम गृह में बुलाया। उसके बाद किसान संगठनों ने हिसार से आई महिला प्रदर्शनकारियों को बुला लिया। जब उन्होंने महिलाओं को देखा तो तो वे काफी बुजुर्ग थीं। उनकी माता समान थीं, इसलिए उन्होंने चरण स्पर्श कर लिए, महिलाओं ने उन्हें आशीर्वाद दे दिया। उसके बाद सौहार्दपूर्ण माहौल में सारा विवाद खत्म हो गया। 

किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने कहा कि भाजपा की पहल पर प्रशासन ने हमें रात 11 बजे बैठक के लिए बुलाया। किसान संगठन पहले दिन से मांग कर रहे थे कि ग्रोवर माफी मांगे या उनके खिलाफ पर्चा दर्ज किया जाए। फिर बिना माफी मांगे धरना कैसे खत्म हो सकता है। उधर, धरनास्थल रविवार सुबह साफ हो गया, किसानों ने अपना टेंट और सामान उठा लिया, पुलिस ने भी अवरोधक हटा लिए।
 
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