संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। हौसले बुलंद हों तो उम्र और शारीरिक बाधाएं कभी आड़े नहीं आतीं। ऐसा ही रोहतक की 63 वर्षीय एडवोकेट वीणा मलिक ने कर दिखाया है। 2023 में अपने दोनों घुटनों का ऑपरेशन करवाने वाली वीणा ने केटलबेल खेलना शुरू किया। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान भी बढ़ाया।
एडवोकेट वीणा मलिक ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले केटलबेल खेल की शुरुआत की। दूसरों को ये खेल खेलते देख खेलने का फैसला किया और खेल मन को भा गया। उस समय खेल के साथ व्यायाम भी हो जाता था। इसकी आवश्यकता भी थी, इसलिए खेल से जुड़ गई।
इस खेल के साथ साल 2023 में घुटने बदलवाने के बाद कोच नेहा धनखड़ के मार्गदर्शन में जिम में कड़ी ट्रेनिंग शुरू की। उनकी मेहनत का फल नवंबर 2024 में मिला, जब हरियाणा स्टेट केटलबेल चैंपियनशिप में वेट-3 कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता। वह इस वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली देश की महिला खिलाड़ी बनीं।
फरवरी 2025 में दिल्ली में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते। इसके बाद मई 2025 में स्पेन में हुई वर्ल्ड केटलबेल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। संवाद
परिवार और बच्चों को दिया सफलता का श्रेय
रोहतक जिला बार की सदस्य के साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय वीणा अपनी सफलता का श्रेय परिवार और बच्चों के सहयोग को देती हैं। वह हर दिन सुबह साढ़े पांच बजे उठकर अभ्यास करती हैं। उन्हाेंने कहा कि खेलों से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ रहता है। युवा खेलों से जुड़ें ताकि वे नशे और खराब खान-पान की आदतों से दूर रह सकें। इस खेल की कोई उम्र सीमा नहीं है।