साल 2001 में महाराण प्रताप जयंती पर रोहतक से भिवानी पहुंचे भाजपा के तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष
रोहतक। भारत रत्न लालकृष्ण आडवाणी का रोहतक से गहरा नाता रहा है। आडवाणी न केवल चुनावी सभाओं में आते रहे हैं, बल्कि अहम रथयात्राएं भी रोहतक से होकर गुजरी हैं। चाहे राम मंदिर के लिए निकाली गई 1990 की रथयात्रा हो या आजादी के 50 साल पूरे होने पर 1997 में निकाली गई स्वर्ण जयंती रथयात्रा रही हो। आडवाणी स्वर्ण जयंती रथयात्रा के दौरान जिले की सीमा पर लाखनमाजरा में किसानों की ओर से किए गए स्वागत से गदगद हो गए थे। इसका जिक्र आडवाणी की रथयात्राओं पर लिखी पुस्तक में भी किया गया है।
भाजपा के पूर्व युवा जिला अध्यक्ष व मौजूदा प्रदेश के सह मीडिया प्रमुख शमशेर सिंह खरक ने बताया कि 1997 में देश को आजाद हुए 50 साल हुए थे। इस पर लालकृष्ण आडवाणी की तरफ से स्वर्ण जयंती रथयात्रा निकाली गई थी। 14 जुलाई को रथयात्रा जब जींद से रोहतक आ रही थी, तब लाखनमाजरा में किसानों ने अनोखे अंदाज में स्वागत किया था। सड़क के दोनों तरफ किसान बैलगाड़ियां लेकर आए थे और लाइन में खड़े थे, साथ ही कृषि उपकरण भी लेकर आए थे। कई ट्रैक्टर ट्राॅलियों में अनाज भरा था। किसान भारत माता की जय का नारा लगा रहे थे। उसमें भी हरियाणवी लहजा था। आडवाणी ने कहा था कि रथयात्रा के दौरान हरियाणा के किसानों ने सबसे ज्यादा समर्थन दिया है। इतना ही नहीं, 2001 में महाराणा प्रताप जयंती समारोह भिवानी में मनाया गया, जिसमें आडवाणी का स्वागत रोहतक से गए भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं ने किया था। साथ में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रत्नलाल कटारिया, तत्कालीन प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष ग्रोवर व युवा भाजपा नेता शमशेर सिंह भी थे।
1990 में पुरानी अनाज मंडी के मंच से दोहराया था राम मंदिर बनाने का संकल्प
नगर निगम के पूर्व मनोनीत पार्षद अमित बंसल बताते हैं कि 1990 में राम मंदिर के लिए लालकृष्ण आडवाणी ने पूरे देश में रथयात्रा निकाली थी। रोहतक में भी रथयात्रा का स्वागत किया गया। उनके पिता स्व. सुरेंद्र बंसल व मंडल अध्यक्ष माया कृष्ण सक्सेना को जनसभा का आयोजन सौंपा गया। जनसभा में भारी भीड़ जुटी थी। मंच से ही आडवाणी ने संकल्प दोहराया था कि एक दिन अयोध्या में राम मंदिर बनाएंगे। इसके अलावा 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का इनेलो से गठबंधन था। गठबंधन के प्रत्याशी इनेलो नेता नफे सिंह राठी थे। आडवाणी ने उनके पक्ष में पुराने बस स्टैंड के मैदान में जनसभा की थी।