संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। डी-पार्क और लखनऊ में आगजनी की घटनाओं के बाद अब प्रशासन की आंख खुली है। जिला प्रशासन अब संवेदनशील भवनों को चिह्नित करेगा। डीसी ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
शहर के तंग रास्तों और संवेदनशील भवनों की गतिविधियों के मुद्दों को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) क्षेत्राधिकार में संवेदनशील भवनों को चिह्नित करेगा। उनका सर्वे किया जाएगा। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने पीजी, गेस्ट हाउस, कोचिंग संस्थान, नर्सिंग होम, अस्पतालों और अन्य गतिविधियों के सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण दल प्रतिष्ठानों का सर्वेक्षण कर जानकारी एकत्रित करे। कहा कि सर्वेक्षण के दौरान संबंधित प्लॉट संख्या, सेक्टर, संचालक का नाम और वहां संचालित गतिविधि के प्रकार का विवरण दर्ज किया जाएगा, ताकि प्रत्येक प्रतिष्ठान का रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि संस्थानों में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रबंध हैं या नहीं। विशेष रूप से वैकल्पिक निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट), अग्नि सुरक्षा उपकरणों और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की जाएगी।
18-रोहतक में कोचिंग सेंटरों के बाहर अतिक्रमण व अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों युक्त बिल्डिंग। संवाद
18-रोहतक में कोचिंग सेंटरों के बाहर अतिक्रमण व अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों युक्त बिल्डिंग। संवाद