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पाकिस्तान से होनी चाहिए आरपार की लड़ाई : अठावले

Sun, 25 Sep 2016 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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एमडीयू में आयोजित एनएसएस के कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले का कहना है कि अब पाकिस्तान से आरपार की लड़ाई होनी चाहिए। हालांकि वह कहते हैं कि किसी भी समस्या का हल युद्ध नहीं है, लेकिन जिस तरह की हरकत पाकिस्तान बार-बार कर रहा है ऐसे में उसके खिलाफ युद्ध जरूरी है। उन्होंने कहा कि आतंकियों का खात्मा करना आवश्यक हो गया है और यह तभी संभव है जबकि हम आक्रामक रुख अपनाएंगे। उनका कहना है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत के पास ही रहना चाहिए।  
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शनिवार को मीडिया से बातचीत में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि पाकिस्तान आतंकी देश है। अमेरिका, रसिया और चीन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और आतंक के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से पाकिस्तान के कलाकारों को महाराष्ट्र से भगाने की धमकी पर अठावले ने कहा कि राज ठाकरे को इस तरह की हरकत करने की आदत है। कलाकारों को भगाने से कुछ नहीं होगा, बल्कि उनको सुरक्षा मिलनी चाहिए। अगर कोई कार्रवाई करनी है तो पाक पर होनी चाहिए। राज ठाकरे तो उत्तर भारतीयों का भी विरोध करते हैं।

मराठा और जाट को मिलना चाहिए आरक्षण

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसके लिए उनका आंदोलन चल रहा है, लेकिन वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। हरियाणा में जाट भी आरक्षण की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनको शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण की पैरवी करते हुए कहा कि मराठा और जाट को आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार को संविधान में संशोधन करना चाहिए।
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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि जिंदगी केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए होती है। शिक्षा का सही अर्थ यह है कि मां-बाप, परिजनों, गांव, समाज और राष्ट्र की सेवा में जीवन अर्पित करें। युवजन को राष्ट्र को मजबूत करने की के लिए कार्य करना चाहिए। मंत्री ने समाज में जातिवादी बेड़ियों को तोड़ने के लिए अंतर जातीय विवाह की वकालत की।

एमडीयू के टैगोर सभागार में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय सेवायोजन (एनएसएस) कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि विद्यार्थी बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। देश का संविधान लिखने में डॉ. अंबेडकर के योगदान को रेखांकित करते हुए अठावले ने कहा कि भारतीय संविधान समतामूलक समाज की बात करता है। समतामूलक समाज बनाने में एनएसएस वालंटियर्स की खास भूमिका होती है। प्राकृतिक आपदा-विपदा समेत अन्य किसी भी संकट की घड़ी में एनएसएस वालंटियर्स की महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। राज्यमंत्री ने अपने मंत्रालय की तरफ से एमडीयू को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। इससे पूर्व वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया ने एनएसएस वालंटियर्स से समावेशी समाज बनाने में अपना योगदान देने के प्रेरित किया। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रणबीर सिंह गुलिया ने कहा कि एनएसएस सामाजिक कार्यों का सशक्त माध्यम है। राष्ट्र निर्माण कार्य में भी इसका अहम योगदान है। इस मौके पर चीफ वार्डन बॉयज हॉस्टल प्रो. अमर वर्मा, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रवीण फौगाट, पुष्पेन्द्र कादयान, जितेन्द्र ढुल, कर्मवीर गुलिया, रितेश पाठक, डॉ. धर्मकौर, डॉ. सुमन, डॉ. ज्योतिराज और डॉ. सुधीर रंगा आदि मौजूद रहे।

अंतर जातीय विवाह पर मिलने वाली राशि बढ़ेगी

केंद्र सरकार अंतर जातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं बना रही है। इसके तहत अंतर जातीय विवाह पर मिलने वाले प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने की तैयारी है। अभी यह राशि ढाई लाख रुपये दी जा रही है। यही नहीं, राज्य की सरकारों को अंतर जातीय विवाह करने वाले दंपति में से एक को नौकरी देने की सिफारिश की जाएगी। इनके अलाव भी कई सुविधाएं देने की तैयारी है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जातिवाद एक सामाजिक बुराई है। देश से जातिवाद को खत्म करने के लिए अंतर जातीय विवाह को बढ़ावा देना जरूरी है। जातिवाद खत्म होगा तो समाज में समानता आएगी। अंतर जातीय विवाह को बढ़ावा देकर जातिवाद को खत्म किया जा सकता है। अठावले ने कहा कि सभी राज्यों की सरकारों को पत्र लिखकर पेशकश की जाएगी कि वह अंतर जातीय विवाह करने दंपति में से किसी एक को नौकरी दें। उन्हाेंने जिस जिले में सबसे ज्यादा अंतर जातीय विवाह होते हैं, वहां विकास के लिए अलग से 25 करोड़ दिए जाने चाहिए। इससे सामाजिक अत्याचार भी रुकेगा और अपराध में कमी भी आएगी। उनके मंत्रालय से एससी व ओबीसी छात्रों को छात्रवृत्ति मिल रही है तो मंत्रालय से वृद्धाश्रम चलाए जा रहे हैं।
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