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Rohtak News: आरोपी बोला- मुझे फंसाया जा रहा, अवकाश लेकर खुद ढूंढी फाइल

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रोहतक। नगर निगम की प्रॉपर्टी आईडी केस की एक सप्ताह बाद भी जांच शुरू नहीं हो सकी है। जांच अधिकारी को नगर निगम के अधिकारियों ने अब सोमवार को रिकाॅर्ड देने का समय दिया है। आर्य नगर थाना प्रभारी रवींद्र कुमार का कहना है कि रिकार्ड की जांच के बाद आरोपी अधिकारियों व क्लर्क को नोटिस देकर पूछताछ की जाएगी। उधर, आरोपी पूर्व जेडटीओ (क्षेत्रीय काराधान अधिकारी) अशोक शर्मा का कहना है कि उसने अवकाश लेकर निगम में संबंधित फाइल को ढूंढ निकाला है, इसमें प्रॉपर्टी मालिक ने तहसील से शपथ पत्र बनवाकर आवेदन किया था। उसकी कोई गलत नहीं है, उसे फंसाया जा रहा है।
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एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और खुफिया विभाग की टीम ने दो दिन नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच का रिकाॅर्ड खंगाला था। आरोप है कि जांच में चार प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी मिली है। एक प्रॉपर्टी आईडी के रिकाॅर्ड में 31 मई 2025 को शीतल नगर में 200 वर्ग गज एरिया था, इसमें मालिक का नाम नहीं था। 27 अक्तूबर 2023 को यह प्रॉपर्टी 700 वर्ग गज की दिखाकर देवेन्द्र के नाम पर चढ़ा दी गई। उसी दिन रजिस्ट्री हो गई थी। नवंबर 2023 को यह प्रॉपर्टी आईडी नरेश के नाम हो गई। दूसरे केस में एक प्रॉपर्टी आईडी दिसंबर, 2023 तक अनअप्रूव्ड थी। बाद में अप्रूव्ड कर दिया गया। बरसी नगर में स्थित 603.12 वर्ग गज की जगह को 3957 वर्ग गज किया गया। जनवरी 2024 को राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड के मुताबिक यह जमीन सतपाल नामक व्यक्ति को बेच दी गई। रजिस्ट्री होने के बाद ऑनलाइन रिकार्ड में दोबारा से फरवरी 2024 को ऑनलाइन फाइल को रिजेक्ट कर दिया गया।
तीसरे केस में एक प्रॉपर्टी आईडी सात मार्च 2024 तक कंप्यूटर के रिकार्ड के मुताबिक अनअप्रूव्ड एरिया में थी। बाद में क्लर्क (यूएलबी चेकर) ने इसे गलत तरीके से अप्रूव्ड कर दिया। इस जमीन की 08 मार्च 2024 को रेखा के नाम पर रजिस्ट्री हो गई। जबकि चौथे केस में पता चला कि क्लर्क (यूएलबी मेकर) ने अपने कमेंट में आवेदक की प्रार्थना को रिजेक्ट कर दिया, लेकिन स्टेटस वाले कॉलम में अप्रूव्ड एट लेवल एक लिख दिया। इसके पश्चात यूएलबी चेकर ने मेकर की रिपोर्ट के आधार पर इसे अप्रूव्ड कर दिया। पुलिस ने निगम के दो जेडटीओ व दो क्लर्क के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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चारों प्रॉपर्टी आईडी का रिकार्ड मांगा गया था। निगम के अधिकारियों ने सोमवार को रिकार्ड देने का भरोसा दिया है। रिकॉर्ड की जांच कर आरोपियों को नोटिस देकर पूछताछ की जाएगी।
रवींद्र, थाना प्रभारी आर्य नगर

उनका नगर निगम से तबादला समाज कल्याण विभाग में हो चुका है। अवकाश लेकर निगम में खुद फाइल ढूंढकर जेडटीओ को सौंप दी है। मेरी कोई गलती नहीं है। प्राॅपर्टी मालिक ने तहसील से शपथ पत्र बनवाकर प्रॉपर्टी जुड़वाई है।
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अशोक शर्मा, पूर्व जेडटीओ, नगर निगम
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