रोहतक। अदालत ने गोली मारकर राजस्थान के चालक से कार छीनने के प्रयास के तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। आरोपियों में बहादुरगढ़ निवासी आनंद उर्फ मोनू, साहिल व परवीन उर्फ काली निवासी दक्षिण दिल्ली शामिल हैं। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता पक्ष व पुलिस ऐसे तथ्य देने में नाकाम रहे जिससे आरोप साबित हो सकें।
पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल आरोप पत्र में बताया गया था कि राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के गांव ममड़खेड़ा निवासी जगदीश टैक्सी चलाते थे। मई 2019 को श्रीगंगानगर से दिल्ली एयरपोर्ट पर सवारी लेने जा रहे थे। रात करीब नौ बजे सांपला के नजदीक चुलियाणा मोड़ के पास ढाबे पर रुके और खाना खाने के बाद सो गए।
रात करीब साढ़े 12 बजे उठे और दिल्ली के लिए चल पड़े। ढाबे से थोड़ा आगे शौच के लिए कार रोक ली। इसी बीच एक युवक आया और खिड़की खोलने का प्रयास किया। चालक ने उसे धक्का दे दिया। तभी बाइक पर दो युवक आए।
एक ने चालक जगदीश के हाथ में गोली मार दी जिससे वह घायल हो गए। घायल हालत में कार लेकर ढाबे पर आ गए। ढाका मालिक ने उन्हें पीजीआई में दाखिल कराया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बहादुरगढ़ निवासी आनंद उर्फ मोनू, साहिल व परवीन उर्फ काली निवासी दक्षिण दिल्ली को गिरफ्तार किया था।
एएसजे रजनी यादव की कोर्ट में पुलिस व शिकायतकर्ता पक्ष आरोप साबित नहीं कर सके। इसके चलते तीनों आरोपियाें को बरी कर दिया गया।