रोहतक। सिटी थानाक्षेत्र निवासी 10 साल की बच्ची के साथ हैवानियत के आरोपी को खोखरा कोट से पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को उसे अदालत में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा। आरोपी की पहचान शहर की एक कॉलोनी निवासी उमेश उर्फ रवि के तौर पर की गई। आरोपी की पत्नी मर चुकी है और उसके बच्चे गांव में रहते हैं।
आरोपी ने बच्ची के घर पर ही घटना को अंजाम दिया था। उसके बाद बच्ची गर्भवती हो गई थी। वारदात के बाद चुप न रहने पर उसे और माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। डर के कारण बच्ची ने परिजन को घटना की जानकारी नहीं दी थी। वहीं, बच्ची की छह दिन की काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीजीआईएमएस से सोमवार को बच्ची को छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित बच्ची का राजमिस्त्री पिता सिटी थानाक्षेत्र में परिवार के साथ रहते है। मूलत: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के बिजौली गांव निवासी आरोपी रवि भी बच्ची के पिता के साथ बेलदारी करता था। वह खोखरा कोट क्षेत्र में किरायेे पर रहता था। साथ-साथ काम करने के चलते उसका राजमिस्त्री के घर पर आना-जाना था। राजमिस्त्री अपनी पत्नी को भी साथ काम पर ले जाते थे। करीब 16 हफ्ते पहले आरोपी ने राजमिस्त्री के साथ बीमारी का बहाना बनाकर काम पर जाने से इन्कार कर दिया था, जबकि पीड़ित बच्ची के माता-पिता काम पर चले गए थे। राजमिस्त्री के घर पर रवि घटना के दिन कोल्डड्रिंक लेकर पहुंचा था। हालांकि घर पर उस समय कोई नहीं था। आरोपी ने पहले बच्ची को पेय पदार्थ पिलाया और फिर जबरन उसके साथ गलत काम किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने धमकी दी कि यदि उसने घटना के बारे में बताया कि तो वह उसे और उसके माता-पिता की हत्या कर देगा। यदि वह अपने माता-पिता को जिंदा देखना चाहती है तो चुप रहे। इसी डर को दिखाते हुए आरोपी ने दो-तीन बार बच्ची से दुष्कर्म किया।
पुलिस के डर से दोस्त के कमरे में छिपा बैठा था आरोपी
जांच अधिकारी सीआईए 1 कुलदीप कादियान ने बताया कि आरोपी अपने दोस्त के कमरे घर छिपा बैठा था, जबकि यूपी निवासी दोस्त अपने गांव गया हुआ था। वह घटना के बाद से दोस्त के रूम से नहीं निकला था और फोन अपने रूम पर ही बंद कर दिया था। इसके बाद सीआईए के एएसआई विनोद कुमार ने चार दिन तक उसकी तलाश करके काबू किया।
यह था मामला
सिटी थानाक्षेत्र स्थित एक कॉलोनी में परिवार के साथ 10 साल की बच्ची रहती है। 25 मार्च को बच्ची के पेट में काफी तेज दर्द हुआ और गंभीर हालत में दंपती ने पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया था। जांच में बच्ची को साढ़े तीन माह का गर्भवती पाया गया। हालांकि लेबर पेन होने के कारण उसी दौरान गर्भपात हो गया था।