बच्चों से भरी स्कूल बस सामने से आ रही एक कार को बचाने के चक्कर में खाली
प्लाट की दीवार तोड़कर अंदर घुस गई। हादसे में बस में बैठे दो बच्चों को
मामूली चोट आई है। उन्हें पीजीआई में दाखिल कराया गया। पुलिस बस चालक और
कार चालक से पूछताछ कर रही है। वारदात बुधवार दोपहर को गोहाना बाईपास स्थित
वीटा मिल्क प्लांट के सामने हुई।
गोहाना रोड स्थित पठानिया पब्लिक
स्कूल की बच्चों से भरी बस छुट्टी के बाद बच्चों को छोड़ने के लिए शहर की
तरफ आ रही थी। बाईपास के नजदीक एक बच्चे को छोड़कर बस आगे बढ़ी। 50 मीटर
आगे पहुंचते ही सामने से आ रहे ऑटो को ओवरटेक करते हुए एक कार बस के सामने आ
गई।
कार के बिल्कुल सामने आते ही बस चालक वीरेंद्र ने बच्चों की जान बचाने
के लिए स्टेयरिंग को दाईं तरफ घूमा दिया। इससे बस बेकाबू होकर रोड की साइड
में कच्चे फु टपाथ के ऊपर से होते हुए खाली प्लाट की दीवार तोड़कर अंदर
घुस गई। शुक्र रहा कि हादसे के समय बस के केबिन में कोई भी बच्चा नहीं बैठा
था। दीवार में टक्कर लगने से बस के आगे का हिस्सा पूरी तरफ क्षतिग्रस्त हो
गया।
दीवार की टक्कर से आगे की सीटों पर बैठे दो बच्चे केबिन में आ गिरे।
उनके हाथ पैर में मामूली चोट आई है। आसपास के लोगों की मदद से दोनों बच्चों
को पीजीआई में भर्ती कराया गया। अब उनकी हालत में सुधार है।
कार चालक बोला, बस ड्राइवर की गलती
मामले
में कार चालक गोहाना रोड निवासी गौरव ने बताया कि मैं दवाइयों का काम करता
हूं। सुबह किसी काम से कार में भिवानी की तरफ जा रहा था। जैसे ही वीटा
प्लांट के नजदीक पहुंचा तो सामने से आ रही स्कूल बस ने दाईं तरफ की ओर
इंडिकेटर और डीपर का सिग्नल दे रखा था। इस पर मैंने कार को बाई तरफ मोड़
लिया। अचानक चालक भी बस को बाई तरफ लेकर आ गया। मैंने बचाव करते हुए कार को
तेजी से दाईं तरफ मोड़ा। फिर भी बस की चपेट में कार आ गई।
शुक्र रहा बच्चे को बाइक से ले आया- पवन कुमार
दुर्गा
कालोनी निवासी पवन कुमार का बेटा यश पठानिया पब्लिक स्कूल में फर्स्ट
क्लास में पढ़ता है। हादसे के बाद वे तुरंत बाइक लेकर घटनास्थल पर पहुंचे।
पवन का कहना है कि उनका बेटा प्रतिदिन इसी बस में बैठकर आता जाता है और
केबिन वाली सीट पर ही बैठता है। लेकिन बुधवार को पवन खुद स्कू ल जाकर अपने
बेटे को बाइक पर बैठाकर घर ले आए। उनका कहना है कि बस का जो हिस्सा
क्षतिग्रस्त हुआ है, उसी हिस्से में बैठकर बच्चा स्कूल जाता है।
हादसे
में कार चालक की गलती सामने आई है। वह गलत दिशा से आ रहा था, उसी को बचाने
की चक्कर में बस डिवाइडर पर चढ़कर खाली प्लाट में घुस गई। हमारे चालक ने
यह सब कार चालक और बच्चों की जान बचाने के लिए किया।
अंशुल पठानिया, प्रशासनिक अधिकारी, पठानिया पब्लिक स्कूल, रोहतक।