लॉकडाउन में आंशिक रियायतों को लेकर चल रही अटकलों पर बुधवार को विराम लग गया है। डीसी आरएस वर्मा ने पहली बार स्पष्ट कहा है कि तीन मई तक लॉकडाउन में किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। समाज के एक वर्ग की मांग है कि गर्मी के सीजन को देखते हुए पंखा, कूलर, एसी, टीवी आदि की दुकानों को लॉकडाउन से छूट दी जाए। लेकिन इनका सारा सामान गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों से आता है। जहां पर कोरोना ने काफी कहर बरपाया है। ऐसे में इनकी दुकानें खोलने का रिस्क नहीं लिया जा सकता है।
डीसी आरएस वर्मा ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान प्रशासन ने जिले के तमाम संगठनों से इस बारे में बात की है। सभी का एकमत से मानना है कि कोरोना की रोकथाम इस समय सर्वोपरि है। इसलिए केंद्र सरकार के निर्देशानुसार तीन मई तक लागू किए गए लॉकडाउन में किसी भी तरह की रियायत देना अभी उचित नहीं रहेगा। दिल्ली इस समय कोरोना का हॉट स्पॉट बन चुका है। रोहतक से इसकी दूरी सिर्फ पचास किलोमीटर है। दिल्ली से हरियाणा के करीब 11 और पंजाब के आधे जिलों में जाने वाले लोग रोहतक से ही होकर गुजरते हैं। ऐसे में दिल्ली के हालातों को देखते हुए किसी भी तरह का खतरा मोल नहीं लिया जा सकता है। तीन मई तक जिले में लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।
स्टेशनरी शॉप पर एमएचए की गाइडलाइन के मुताबिक फैसला
डीसी वर्मा ने कहा कि किताबों और स्टेशनरी की दुकानों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक ही फैसला लिया जाएगा। 20 अप्रैल को मंत्रालय ने निर्धारित समय में दुकानें खोलने की अनुमति दी थी तो प्रशासन ने भी इसकी इजाजत दे दी थी। 21 अप्रैल को मंत्रालय ने आदेश वापस ले लिया तो हमने भी दुकानें बंद करवा दीं।