माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। रोहतक को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु प्रशासन शून्य सहनशीलता नीति अपनाएगा। वीरवार को अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के वरिष्ठ अधिकारी केपीजे जेरल्ड ने उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को बाल श्रम मामलों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य कराना संज्ञेय अपराध है। जानकारी पर तत्काल एफआईआर व कानूनी कार्रवाई होगी। बैठक में बाल श्रम की रोकथाम, बचाव और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा हुई।
विभागों व जिला बाल कल्याण समिति को समन्वय से कार्य करने को कहा। बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कर उनके पुनर्वास व शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। बाल कल्याण समिति की पीठासीन अधिकारी सतीश कौशिक ने बेहतर कार्य का आश्वासन दिया। सार्वजनिक स्थानों, फैक्ट्रियों, रेस्तरां व ढाबों पर बाल श्रम रोकने हेतु नियमित निरीक्षण और विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।