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Rohtak News: पांच साल से नशे की गिरफ्त में आए युवक की मौत

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रोहतक। सिटी थानाक्षेत्र के करतारपुरा मोहल्ले में नशे की लत ने एक और युवक की जान ले ली। मोहित उर्फ बब्बू (25) की वीरवार शाम को हालत खराब होने पर परिजनों ने पीजीआईएमएस में भर्ती कराया था। रात में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक वह करीब 5 साल से नशा ले रहा था। नशा तस्कर ने ही उसे नशे की लत लगाई थी।
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करतारपुरा मोहल्ले में 4 फरवरी को नशे की ओवरडोज से शिव कुमार(24) की भी मौत हो चुकी है। इसके अलावा 30 से अधिक युवा नशे की गिरफ्त में हैं। मोहित को नशे की लत लगने के बाद पीड़ित मां नीलम ने भी नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने का अभियान चला रखा है। दरअसल, करतारपुरा निवासी नीलम परिवार के साथ रहती हैं। साल 2011 में उनके पति की हृदयघात के कारण मौत हो गई थी। उनके जाने के बाद बड़ी मुश्किल से बच्चों का भरण पोषण कर रही थी और उनको पढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया था। उनका बड़ा बेटा मोहित उर्फ बब्बू पढ़ने में काफी तेज था और उसने 12वीं की परीक्षा भी पास की थी। इसी दौरान मोहल्ले के ही एक नशा तस्कर ने उससे दोस्ती कर ली और चुपके-चुपके उसे नशा देने लगा। कुछ दिन बाद जब उनको पता चला तो मोहित नशे का आदी हो चुका था और उसने पढ़ना-लिखना सब बंद कर दिया था। बेटे की हालत देखकर वह टूट गई और उन्होंने तीन साल पहले नशे के खिलाफ इंद्रा कॉलोनी और करतारपुरा के लोगों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया। इस बीच मोहित सूखे नशे के बजाय इंजेक्शन लेने लगा और उसकी हालत खराब होने लगी। उसे कई बार पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी हालत में ज्यादा सुधार नहीं हो रहा था। कई दिन से उसने खाना-पीना छोड़ दिया था और वीरवार को मोहित की हालत खराब हुई तो उसे पीजीआईएमएस में दोबारा भर्ती कराया गया। इलाज के चंद घंटे बाद ही हालत खराब हो गई। चिकित्सकों ने काफी मशक्कत की, लेकिन मोहित ने दम तोड़ दिया।
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40 पुलिसकर्मियों की है करतारपुरा-इंद्रा कॉलोनी में तैनाती
नशे की रोकथाम करने के लिए पुलिस विभाग ने नशा बेचने-खरीदने के खिलाफ कार्रवाई करने का अभियान चला रखा है। इसके लिए विभाग की ओर से 40 पुलिसकर्मी नशे के गढ़ माने जाने वाले करतारपुरा- इंद्रा कॉलोनी में तैनात कर रखे हैं। जो आए दिन नशा लेने वालों को पकड़कर उठक-बैठक लगवाकर चेतावनी के बाद छोड़ दिए जाते हैं।
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मेरा बड़ा बेटा सूखा नशा करता था और इंजेक्शन लेता था। वीरवार को तबीयत खराब हुई तो पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया, जहां पर मौत हो गई। समाजसेवियों के साथ जुड़कर नशे के खिलाफ अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही हूं, ताकि किसी और का बेटा इस तरह दुनिया छोड़कर न जाए।
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नीलम, मोहित की मां।

नशे के खिलाफ मुहिम में मोहित की वजह से उनकी मां नीलम जुड़ी थी और युवाओं को जागरूक करने का काम कर रही थीं, लेकिन वीरवार को उनके बेटे की मौत हो गई।
-निर्मल सिंह, समाजसेवी, इंद्रा कॉलोनी।
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