संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जाट शिक्षण संस्थान में कथित असंवैधानिक फैसलों और भ्रष्टाचार के विरोध में मंगलवार को एक दिवसीय सत्याग्रह के तहत सांकेतिक धरना एवं मौन धारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह धरना संस्थान के प्रेरणा स्थल के बाहर आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के कॉलेजियम सदस्यों और समाज के लोगों ने भाग लिया।
धरने का नेतृत्व जाट शिक्षण संस्थान के कोषाध्यक्ष सुधीर हुड्डा ने किया। उन्होंने कहा कि संस्थान में बिना विज्ञापन के नियुक्तियां, भाई-भतीजावाद, कर्मचारियों को बिना कारण हटाना और फंड के दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दे सामने आ रहे हैं, जो संस्था के हित में नहीं हैं।
धरने के दौरान सात सूत्रीय संवैधानिक मांगें रखी गईं, जिनमें नियुक्तियों की जांच, वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता, फिजूलखर्ची पर रोक और विजिलेंस जांच की मांग प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरने की सूचना मिलने पर संस्थान के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना और नवनीत कुमार अहलावत धरना स्थल पर पहुंचे और सभी बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद चौधरी छोटू राम जयंती कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए धरने को स्थगित कर दिया गया।