जिले में कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है, इसके बावजूद राहत की बात है कि रिकवरी रेट 80.5 फीसदी पहुंच गया है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में रिकॉर्ड पहली बार एक दिन में 73 मरीज मिले। पिछले सात दिनों में 394 संक्रमित मिले, वहीं संक्रमितों से ज्यादा 418 मरीजों ने कोरोना को हराया है।
जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 2982 पहुंच गई है जबकि 2401 मरीज ठीक हो चुके हैं। फिलहाल 549 एक्टिव मरीज हैं, इनमें से 52 मरीज पीजीआईएमएस में भर्ती हैं जबकि 497 होम आइसोलेशन किए गए हैं। विभाग अब तक 76197 सैंपल की जांच कर चुका है, इसमें से संक्रमितों का प्रतिशत 3.9 आ रहा है। गौरतलब है कि जिले में अब तक कोरोना से उपचार के दौरान 32 मरीजों की मौत हो चुकी है।
पिछले सात दिन का आंकड़ा
दिन संक्रमित स्वस्थ
सोमवार 72 40
मंगलवार 59 51
बुधवार 47 67
वीरवार 67 70
शुक्रवार 36 52
शनिवार 40 48
रविवार 73 90
पीजीआईएमएस के 70 डॉक्टर, 32 नर्स, 10 ओटीए, 12 चतुर्थश्रेणी कर्मी हो चुके संक्रमित
कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने का जिम्मा पीजीआईएमएस का है, लेकिन स्थिति यह है कि संस्थान स्वयं हॉटस्पॉट बन गया है। इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी के इंतजाम सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि संस्थान के करीब 120 डॉक्टर, नर्स, ओटीए व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं। कोविड वार्ड व अस्पताल का यहां कोई अधिकारी स्वयं दौरा नहीं करता, इस वजह से यहां की कमियां दूर नहीं हो रही हैं।
संस्थान के आपातकालीन विभाग के साथ सी-ब्लॉक में संक्रमण की शुरुआत से ही सैंपल लेने का काम जारी है। इस मुद्दे पर सिविल सर्जन की ओर से भी निर्देश जारी किए गए थे कि वह सैंपल लेने का कार्य अन्य किसी जगह पर करें, क्योंकि आपात विभाग में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज आते हैं। इस संबंध में जिला सर्विलांस अधिकारी ने पीजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक को 31 मई को भी पत्र जारी किया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। एमएस की ओर से वार्ड-11 को संदिग्ध मरीजों के दाखिले के लिए तय किया गया था, लेकिन यह निर्देश भी कागजों तक सीमित हैं। इसी का परिणाम है कि चेस्ट ऐंड टीबी का एक डॉक्टर परिवार सहित संक्रमित हो गया है। इसके बाद डॉक्टरों ने इसकी लिखित शिकायत निदेशक व कुलपति को दी है। डीएमएस डॉ. संदीप ने बताया कि पीजीआईएमएस में करीब 70 डॉक्टर, 32 नर्स, 10 ओटीए व 10 से 12 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं।
पीपीई किट नहीं हो रही तरीके से डिस्पोज
डीएमएस डॉ. संदीप ने एमएस के नाम जारी एक पत्र में लिखा है कि कुछ स्टाफ पीपीई किट का सही तरीके से निस्तारण नहीं कर रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। एक घटना का हवाला देते हुए अधिकारी ने कहा कि एक संक्रमित पीपीई किट डोफिंग एरिया के बाथरूम में मिली। इसके संबंध में इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी सही तरीके से काम नहीं कर रही है, क्योंकि सूचना के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
इस संबंध में पहले भी पीजीआईएमएस को पत्र भेजा गया था। संस्थान से बात की जाएगी कि उन्होंने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए क्या इंतजाम किए हैं। - डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
यहां मिले संक्रमित
श्रीनगर कॉलोनी की बुजुर्ग, नया पड़ाव काठमंडी की गृहिणी व बिजनेसमैन, सैनीपुरा में छात्र व निजी कर्मचारी, भालौठ में पीजीआईएमएस का इलेक्ट्रिशियन, डीएलएफ कॉलोनी में डेयरी संचालक, टिटौली की गृहिणी, कोर्ट परिसर का चाय विक्रेता, गोहाना अड्डा का फार्मास्सिट, गोहाना अड्डा का फार्मासिस्ट, रामगोपाल कॉलोनी में टीचर, मॉडल टाउन में प्रॉपर्टी डीलर, अशोक नगर का होमगार्ड, हरिसिंह कॉलोनी में टीचर, विजय नगर की बुजुर्ग, पीजीआईएमएस कैंपस की छात्रा व छात्र, गढ़ी मोहल्ला में निजी कर्मचारी, ग्रीन रोड का इंटीरियर डिजाइनर, नेहरू स्ट्रीट में गृहिणी, हरिनगर में बिजनेसमैन व डेयरी संचालक, शक्ति नगर का छात्र, बुजुर्ग व गिफ्ट शॉप संचालक, रेलवे रोड पर ज्वेलर, पाड़ा मोहल्ला की टेलर, बैंककर्मी व प्रेस करने वाला, गृहिणी, राजेंद्रा कॉलोनी में सेवानिवृत्त कर्मी, गृहिणी, पीली कोठी का दुकानदार, राजेंद्रा कॉलोनी की टीचर, जगदीश कॉलोनी में स्टे एट होम, गंगा हॉस्टल में गाइनी की पीजी डॉक्टर, तिलक नगर में पंचायत विभाग का कर्मचारी, संत नगर में स्टे एट होम, सनसिटी में डॉक्टर, सेक्टर-1 का प्रॉपर्टी डीलर, गृहिणी, सहायक प्रोफेसर व छात्रा, डॉक्टर हॉस्टल का जूनियर डॉक्टर, अटायल की गृहिणी, विशाल नगर में बुजुर्ग, सैनीवास मोहल्ला का बिजनेसमैन, कमल कॉलोनी में कारपेंटर, साई दास कॉलोनी की गृहिणी, श्रीनगर कॉलोनी की स्टाफ नर्स, पीजीआईएमएस कैंपस की डॉक्टर, स्टाफ नर्स, देव कॉलोनी में पीजीआईएमएस की स्टाफ नर्स व बीमाकर्मी, बहुअकबरपुर में बुजुर्ग, सांपला में पोस्टमैन, आर्य नगर में सैलून कर्मचारी, रिठाल नरवाल पाना की गृहिणी, सुनारियां जेल का वार्डन, कबीर कॉलोनी की गृहिणी, चमारिया का छात्र, बसाना में पेट्रोल पंप कर्मी, बैंसी की गृहिणी, खिलाड़ी, सेक्टर-4 की गृहिणी, सेक्टर-3 में खानपुर की महिला टीचर, एकता कॉलोनी में निजी कर्मी, सेक्टर-2 का बिजनेसमैन, अकाउंटेंट, फरमाना नर्सिंग होम की डॉक्टर, घिलौड़ का चौकीदार संक्रमण की चपेट में आए हैं।