रोहतक। टास्क देने के नाम पर एक व्यक्ति से साइबर ठगों ने 23.17 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। ठगी 27 फरवरी से 18 मार्च तक 16 बार में रुपये जमा कराकर की गई। जब टैक्स के नाम पर सात लाख रुपये मांगे गए तो पीड़ित को संदेह हुआ और जानकारी की तो बात सही साबित हुई। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर साइबर ठगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
रोहतक के लाढौत रोड निवासी नीरज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 फरवरी को उनको टेलीग्राम पर मुस्कान अग्रवाल नाम के एक ग्रुप में जोड़ा। इसमें उनको वर्क फ्राॅम होम के नाम पर टास्क देने और रुपये कमाने का लालच दिया गया। उन्हें ग्रुप में जोड़ने के बाद ठगों ने सामान्य से टास्क दिए और उनमें पहले टास्क में 150, दूसरे में 1650 रुपये बतौर इनाम दिए गए। इसके बाद ठगों ने प्रीपेड टास्क देने की बात कही। 6 हजार रुपये के टास्क को पूरा करने पर 8300 रुपये मिले। इसके बाद दूसरे ग्रुप में जोड़ा गया और फिर चार टास्क दिए गए। इनमें पहला टास्क 7000 रुपये, दूसरा 60,000 रुपये, तीसरा 4.50 लाख रुपये और चौथा टास्क 8 लाख रुपये का दिया गया।
इनको पूरा करने के बाद फिर से चार और छह लाख रुपये के टास्क दिए गए। दोनों को पूरा कराने के बाद उन्होंने नए ग्रुप में जोड़ दिया गया। उनके खाते में कुल 36 लाख रुपये दिखने लगे। जब तक वह 23.17 लाख रुपये जमा करा चुके थे। उन्होंने अपने खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया तो असफल रहे। उन्होंने कहा कि टैक्स के सात लाख रुपये जमा कराने होंगे। इसके बाद ही रकम निकाली जा सकेगी। उनको समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो गए। पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
साइबर अपराधी टास्क देने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। वह छोटा लालच देकर मोटी रकम हड़प रहे हैं। ऐसे ठगों से सावधान रहने के लिए लालच त्यागना होगा।
- कुलदीप सिंह, साइबर थाना प्रभारी।