रोहतक। प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग और सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफार्मिंग इंडिया (शांति) विधेयक के खिलाफ किसान, मजदूर और कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। 15 जनवरी को जींद में महासम्मेलन किया जाएगा।
सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में कर्मचारियों और इंजीनियर की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई), संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) व केंद्रीय ट्रेड यूनियन (सीटीयू) की बैठक हुई। अध्यक्षता एसकेएम से सत्यवान, सीटू से अमित यादव, एनसीसीओईईई से सुरेश राठी ने संयुक्त रूप से की। बैठक का संचालन इलेक्ट्रिसिटी एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने किया।
बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने के लिए तैयार किए गए बिजली संशोधन बिल 2025 के ड्राफ्ट व प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग की निंदा की। सभी विरोधों को दरकिनार कर पारित किए गए सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफार्मिंग इंडिया विधेयक के प्रति रोष व्यक्त किया।
बैठक में सर्वसम्मति से सरकार के इन फैसलों के खिलाफ निर्णायक आंदोलन करने का फैसला लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच की ओर से लेबर कोड्स व मनरेगा को खत्म करने सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी।