25-पिता जगजीत सिंह के साथ मौजूद क्रिकेट खिलाड़ी गुरुमहक कौर संधू। स्रोत : स्वयं
रोहतक। पोलियो ग्रस्त और व्हीलचेयर पर होने के बावजूद क्रिकेट सपने को बेटी ने हकीकत में बदल दिया। मोहाली की गुरुमहक कौर संधू अब नेशनल तक पहुंच गई हैं। पंजाब के मोहाली में सेक्टर-59 फेज-5 की रहने वाली गुरुमहक हाल में 69वीं स्कूली राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप में भाग ले रही हैं जो रोहतक में हो रही है।
पंजाब की टीम मैनेजर शरणदीप कौर ने बताया कि गुरुमहक कौर टीम कैप्टन के रूप पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। गुरुमहक बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों करती हैं लेकिन गेंदबाजी अन्य खिलाड़ियों से बेहतर है। शरणदीप कौर ने बताया कि अभी टीम ने पहले मैच में सीबीएसई डब्ल्यूएसओ व दूसरे मैच में कर्नाटक को मात दी है।
गुरुमहक कौर संधू बताती हैं कि पिता जगजीत सिंह को 4 साल की उम्र में पोलिया हो गया था। पिता अभी 50 की उम्र तक भी व्हीलचेयर पर रहकर अवागमन करते हैं। पिता कहा करते हैं उन्होंने बचपन में क्रिकेट को पसंद किया लेकिन परिस्थितियों के कारण वो खेल न सके। अब उनका सपना पूरा कर रही हूं।
जगजीत नगर निगम मोहाली में जनरल इंस्पेक्टर रूप में कार्यरत हैं। गुरुमहक कौर संधू उनकी इकलौती बेटी हैं। गुरुमहक की मां शैली गृहिणी हैं। दादा सरदार बच्चन सिंह व दादी मोहिंदर भी साथ में रहते हैं।
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जून 2025 में जीता था श्रेष्ठ गेंदबाज का खिताब
गुरुमहक ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले क्रिकेट शुरू किया था। नवंबर 2025 में मोहाली में हुई राज्यस्तरीय क्रिकेट चैंपियनशिप में टीम के साथ गोल्ड मेडल जीता है। जून-2025 में अंडर 19 जिलास्तरीय क्रिकेट चैंपियनशिप में श्रेष्ठ गेंदबाज का खिताब जीता जिसमें 5.5 ओवर में 7 विकेट लिए और 10 रन दिए। साथ ही अंडर-15 नेशनल चैंपियनशिप में टीम के दूसरा स्थान प्राप्त किया।