08-पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में रक्त भंडारण केंद्र का शुभारंभ करते कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, निदेश
रोहतक। पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में सड़क दुर्घटना व अन्य किसी कारण से गंभीर स्थिति में पहुंचने पर रक्त की जरूरत के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मरीजों की सुविधा के लिए ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार को 300 यूनिट स्टोरेज की क्षमता का रक्त भंडारण केंद्र शुरू किया गया।
पहले रक्त की जरूरत पड़ने पर आपातकालीन विभाग के साथ स्थित ब्लड बैंक में जाना पड़ता था। इससे मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी होती थी। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. एचक अग्रवाल ने इस केंद्र शुभारंभ किया।
कुलपति ने बताया कि यह रक्त भंडारण केंद्र 24 घंटे कार्य करेगा। रक्त भंडारण गंभीर घायल मरीजों के लिए एक वरदान की तरह साबित होगा। कुलसचिव डाॅ. रूपसिंह ने कहा कि यह केंद्र पीजीआई रोहतक की आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करेगा।
निदेशक डाॅ. एसके सिंघल ने कहा कि यह रक्त भंडारण केंद्र ट्रॉमा रोगियों के लिए जीवनदायिनी सुविधा है। संस्थान की कोशिश रहती है कि मरीजों को जल्द रक्त मिले ताकि रक्त के अभाव में किसी मरीज की जान ना जाए।
ब्लड बैंक विभाग के एचओडी डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा कि यह संस्थान की बडी उपलब्धि है। संस्थान के अधिकारियों के सहयोग से केवल तीन महीने में सरकार से लाइसेंस प्राप्त कर शुरू किया गया है।
डाॅ. रागिनी ने बताया कि इस केंद्र में करीब 300 यूनिट स्टोरेज की क्षमता है। यह केंद्र दूसरे फ्लोर पर रूम नंबर 201 में स्थित है। ट्रॉमा में प्रतिदिन करीब 20 यूनिट रक्त की जरूरत रहती है। इस अवसर पर डाॅ. पंकज गहलोत, डाॅ. पंकज छिक्कारा, डॉ महेश माहला, डाॅ. सुंदर, डीएनएस हन्नी प्रभा व अन्य उपस्थित रहे।