जितेंद्र सोलंकी
मंडी अटेली। सैनिक व किसान बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद अटेली क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव साफ नजर आ रहा है। कस्बे के निकटवर्ती गांव बिहाली में पशु औषधालय का नया भवन 34 लाख में बनकर तैयार होने के बाद भी उद्घाटन के अभाव में उपयोग से बाहर पड़ा है जबकि कर्मचारी आज भी पुराने जर्जर भवन में बैठकर पशुओं का इलाज करने को मजबूर हैं।
गांव बिहाली में पशुपालन प्रमुख आजीविका का साधन है। यहां एक बड़ी गोशाला भी संचालित है जिसमें करीब 1365 गोवंश हैं। इसके बावजूद पशुओं के उपचार के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
बताया जाता है कि वर्ष 1992 में तत्कालीन विकास एवं पंचायत मंत्री राव बंसी सिंह ने पशु औषधालय का शिलान्यास किया था और 1995 में यह शुरू भी हो गया था। समय के साथ भवन जर्जर हो गया जिसके चलते सरकार ने नए भवन के निर्माण का कार्य शुरू कराया। एक एकड़ क्षेत्र में बने इस नए भवन पर लगभग 34 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
नवनिर्मित भवन में स्टोर रूम, लैब, कार्यालय कक्ष और पशुओं के लिए रैंप सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बिजली और पानी की व्यवस्था भी पूरी है लेकिन उद्घाटन नहीं होने के कारण भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
उद्घाटन में देरी के चलते पशु चिकित्सालय के कर्मचारी पुराने खंडहरनुमा भवन में ही सेवाएं देने को मजबूर हैं जिससे न केवल कर्मचारियों को परेशानी हो रही है बल्कि पशुपालकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नए भवन का उद्घाटन कर उसे विभाग को सौंपा जाए ताकि पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। संवाद
वर्जन:
नवनिर्मित भवन का निर्माण हो चुका है लेकिन उद्घाटन नहीं होने के कारण पुराने भवन में ही बैठकर अपनी सेवाएं देने को मजबूर हैं। इस समस्या को गत दिनों श्री कृष्ण बाल गोपाल गोशाला बिहाली में पूर्व विधायक सीताराम यादव के समक्ष भी रखा गया था। उस समय उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नवनिर्मित भवन का उद्घाटन कर विभाग के कर्मचारियों को समर्पित कर दिया जाएगा।
-डॉ. डीएस यादव, पशु चिकित्सालय कांटी।