हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की 20 से 23 जनवरी तक प्रस्तावित हड़ताल टालने के लिए मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव आरएस दून ने कर्मचारी नेताओं के साथ राज्य परिवहन महानिदेशक विनीत गर्ग के दफ्तर में बातचीत की। मगर बातचीत अधूरी रही और सिरे नहीं लगी।
कर्मचारी तालमेल समिति के सदस्य धर्मबीर हुड्डा ने बैठक के बाद बताया कि यूनियन की मांग थी कि 3519 प्राइवेट बस परमिट देने की नीति रद्द की जाए अन्यथा हड़ताल होकर रहेगी। आरएस दून ने कहा कि हाईकोर्ट का दबाव है और लोगों को बस सेवा देना जरूरी है। इसके बावजूद मंत्री रणदीप सुरजेवाला की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी गई है। वह इसके बारे में बताएगी। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अभी तक कमेटी की शर्तें तय नहीं हुई हैं तो उन्हें भरोसा दिया गया कि सात दिन के भीतर कमेटी की बैठक होगी, उसमें शर्तें तय कर ली जाएंगी।
हुड्डा ने कहा कि दूसरी मांग थी कि हाईकोर्ट ने जो फैसला किया है उसे राज्य सरकार लागू करे। हाईकोर्ट ने नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति की तारीख से पूरा वेतनमान देने को कहा है, मगर सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। इस पर उपप्रधान सचिव ने कहा कि इसमें 200 करोड़ का बजट शामिल है। सरकार यह बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है। वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा रखी है। उन्होंने आफर भी दी कि बीच-बचाव का रास्ता निकाला जा सकता है। मगर यूनियन नहीं मानी और अंतत: फैसला हुआ कि रविवार को मुख्यमंत्री से तालमेल समिति की बातचीत करवाने का प्रयास करेंगे। धर्मबीर हुड्डा ने कहा कि इसके अलावा 12 अन्य मांगों पर बातचीत हुई, जिस पर मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि ने कहा कि ये मांगें तो महानिदेशक के स्तर की हैं। उन्हें लागू करने में कोई दिक्कत नहीं है। हुड्डा ने बताया कि शनिवार की बातचीत सिरे नहीं चढ़ी। इसलिए 20 से 23 जनवरी तक हड़ताल रहेगी।
हां, शनिवार को तालमेल समिति के साथ बातचीत हुई थी। मेरी कोशिश रहेगी कि रविवार को मुख्यमंत्री से उनकी बातचीत करा दी जाए। अगर उनसे नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि से बातचीत करवाऊंगा।
आरएस दून, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव