नांगल चौधरी (नारनौल)। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पशुओं में फैली अज्ञात बीमारी से कई गांवों में सैकड़ों पशुओं की मौत हो चुकी है। अकेले मेघोत बिंजा गांव में 43 पशुओं की मौत हो गई है और 70 पशु बीमार हैं। इसके बावजूद पशु पालन विभाग एवं प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे क्षेत्र के पशुपालक अपनी पशुओं की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं। पशुपालकों ने शनिवार को पशुपालन विभाग एवं प्रशासन के ढुलमुल रवैये के प्रति रोष प्रकट कर नारेबाजी की। पशुपालकों ने सरकार व प्रशासन से क्षेत्र के सभी गांवों में चिकित्सकों की टीम भेज कर इस बीमारी पर काबू पाने की गुहार लगाई है।
पशु पालकों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है। इसके चलते क्षेत्र में पशुओं के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अज्ञात बीमारी के चलते कई गांवों में सैकड़ों भैंस, कटड़े व भेड़-बकरियों की मौत हो चुकी है। अकेले मेघोत बिंजा गांव में 43 पशुओं की मौत हो चुकी है तथा 70 पशु बीमार चल रहे हैं। इसके बावजूद पशुपालन विभाग इस बीमारी पर काबू पाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। पशुपालकों ने बताया कि मेघोत बिंजा में किसान गिरधारीलाल की एक भैंस व एक कटड़ा, ओमप्रकाश की एक भैंस एक कटड़ा, अमरदीप की एक भैंस व 20 बकरी, रोहताश की 5 बकरी व एक कटड़ा, रामजीलाल की एक भैंस व पांच बकरी, वेद प्रकाश की एक भैंस, एक कटड़ा, सतबीर की एक भैंस व एक कटड़ा, धर्मवीर की एक भैंस व एक कटड़ा, सुरेश की एक भैंस एक कटड़ा, सुरेश योगी एक कटड़ा, महाबीर का एक कटड़ा, माडूराम की एक गाय व एक कटड़ा अकाल मौत का ग्रास बन चुके हैं।