रोहतक। बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मारकंडे आहुजा ने कहा कि आज भारतीय अखंडता पर प्रश्नचिन्ह लगने लगा है। हम भारत को भाषीय आधार एवं जातीय समीकरणों में बांधकर देखने लगे हैं।
वे सोमवार को बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में सांप्रदायिक सद्भावना सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में काव्य पाठन का भी आयोजन किया गया, जिसमें आयुर्वेदिक विभाग की प्रियंका ने प्रथम, एजूकेशन विभाग की प्रीति ने द्वितीय और रसायन विभाग की स्वाति अग्रवाल व फार्मेसी विभाग के अंकित ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय एकता और उसकी अखंडता के बारे में सोचने वाली शक्तियां यदि आज अपने देशों में भारतीयता के उदाहरण देने लगी है तो उसके पीछे केवल भारतीयों का वह व्यवहार है जिसने उन्हें एक सूत्र में पिरो रखा है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नव इकाईयों की अध्यक्ष एवं सहकुलपति डॉ. अंजू आहुजा, डॉ. कमलेश मलिक, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. लीना अरोड़ा, डॉ. एसपी शर्मा, डॉ. मनमोहन शर्मा और डॉ. देवेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।