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बिजली किल्लत से भड़के ग्रामीणों ने एजीएम को धुना

Thu, 09 May 2013 05:30 AM IST
Rohtak
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कोसली/रेवाड़ी। बिजली समस्या की शिकायत लेकर कोसली स्थित दक्षिण हरियाणा विद्युत निगम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने क्षुब्ध होकर एजीएम की ही धुनाई कर डाली। ग्रामीणों की अगुवाई कर ही महिलाओं ने चप्पलों और डंडों से अधिकारी की पिटाई शुरू कर दी। अधिकारी किसी तरह जान बचाकर भागा, किंतु महिलाओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने कार्यालय में जमकर हंगामा किया और वहां रखी अधिकारी की कुर्सी और अन्य दस्तावेजों को सड़क पर फेंक दिया। ग्रामीणों ने कोसली-रेवाड़ी मार्ग पर एक घंटे तक जाम लगा दिया। इस घटना से गुस्साए कर्मचारियों ने भी अधिकारी की पिटाई और रिकार्ड ध्वस्त करने को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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जानकारी के अनुसार बुधवार को गांव उष्मापुर की सैकड़ों महिला-पुरुष वाहनों में सवार होकर कोसली स्थित विद्युत निगम के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एजीएम शंकरलाल से आए दिन होने वाली बिजली खराबी की शिकायत की। एजीएम ने ग्रामीणों को समझाया कि उनके गांव समेत 14 गांवों में हाई वोल्टेज तारों के स्थान पर केबल लगाने का काम दो वर्ष पूर्व किया गया था, लेकिन केबल खराब होने के कारण फिर से तार बिछाने का काम यूबी कंपनी कर रही है और इस कार्य में समय लगेगा। इतना सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और एजीएम की उन्हीं के कार्यालय में धुनाई शुरू कर दी। एजीएम जान बचाकर कैशियर के कमरे में जा छुपा तो महिलाएं भी पीछा करते हुए वहां जा पहुंची। महिलाओं ने हाथों में डंडे, पत्थर और चप्पल लेकर कैशियर का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। दरवाजा न खुल पाने पर उन्होंने एजीएम कार्यालय का रिकार्ड और कुर्सी सड़क पर फेंक दी तथा बिल बनाने के लेजर भी फाड़ दिए। कर्मचारियों ने उत्तेजित महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, किंतु महिलाओं ने उनकी एक नहीं सुनी। उन्हाेंने कार्यालय के बाहर कोसली-रेवाड़ी मार्ग को जाम कर दिया। इस हंगामे और जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस व तहसीलदार धर्मपाल ने एक घंटे से जाम लगाए बैठे ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। जाम के चलते लोगों को खासी परेशानी हुई और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस घटना और तोड़फोड़ से क्षुब्ध कर्मचारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि कार्यालय में आकर बिना वजह उनके रिकार्ड को फाड़ने, अधिकारी के साथ मारपीट करने और सरकारी कार्यालय में बाधा डालने वालों के खिलाफ मामला दर्जकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे भी धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
दूसरी ओर गांव के सरपंच राजसिंह ने घटनास्थल पर होने के बावजूद अपने आपको इस मामले से अलग करते हुए कहा कि वह तो ग्रामीणों के दबाव में यहां आए थे, किंतु ग्रामीणों ने मारपीट और तोड़फोड़ करके गलत किया है।
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कोसली थाना प्रभारी रामस्वरूप का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एजीएम शंकरलाल और यूनियन प्रधान राजपाल ने कहा कि महिलाओं की आड़ में असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया है।
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